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तिरंगे की एतिहासिक जीत, संग्राम सिंह बने एशिया के पहले चैंपियन

Sangram Singh
भारतीय खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। संग्राम सिंह ने पाकिस्तान के मोहम्मद आबिद अली को महज 1 मिनट 20 सेकेंड में 'सबमिशन' (पटखनी देकर आत्मसमर्पण करवाने) के जरिए हराकर एशियन एमएमए (MMA) चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। वे यह मुकाम हासिल करने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।कुश्ती से मिक्सड मार्शल आर्ट्स (MMA) में कदम रखने के बाद संग्राम की यह लगातार चौथी जीत है और वे अब तक अजेय हैं। पाकिस्तानी फाइटर पर यह उनकी दूसरी जीत है, जिसने कॉम्बैट स्पोर्ट्स में भारत के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक के रूप में उनकी पहचान को और मजबूत कर दिया है।

​ *स्टेडियम में गूंजा "भारत माता की जय"*

​मलेशिया के एरिना में जैसे ही संग्राम सिंह का हाथ जीत के लिए हवा में उठा, माहौल में एक अलग ही जोश भर गया। दर्शक खुशी से झूम उठे और पूरा स्टेडियम "भारत माता की जय" के नारों से गूंज उठा। संग्राम ने इस ऐतिहासिक खिताब को 140 करोड़ देशवासियों को समर्पित करते हुए कहा कि जब भी वे रिंग या केज (रिंग का दायरा) में उतरते हैं, उनका एकमात्र मकसद विश्व स्तर पर भारत का तिरंगा शान से फहराना होता है।

​इस मुकाबले से पहले वजन घटाने (वेट-कट) के ड्रामा और प्रतिद्वंद्वी मोहम्मद आबिद अली की ओर से दिए गए भड़काऊ बयानों की वजह से मैच को लेकर काफी माहौल बना हुआ था। हालांकि, जैसे ही मुकाबला शुरू हुआ, संग्राम ने केज के अंदर पूरी तरह दबदबा बनाकर इन बातों का करारा जवाब दिया।

 *​ऐसे मिली शानदार जीत*

​संग्राम के कोच भूपेश कुमार ने बताया कि आबिद के पास खतरनाक पंच मारने की काबिलियत के साथ-साथ लंबाई और रीच (पहुंच) का भी फायदा था। फाइट की शुरुआत में ही संग्राम की आंख के पास एक पंच लगा भी, लेकिन भारतीय चैंपियन ने अपना आपा नहीं खोया। उन्होंने बेवजह के पंचिंग एक्सचेंज से खुद को बचाया और अपनी सबसे बड़ी ताकत—विश्वस्तरीय कुश्ती (ग्रैपलिंग) का इस्तेमाल किया।

​सटीक दांव: मैच शुरू होने के सिर्फ 30 सेकेंड बाद, संग्राम ने सही समय पर पैर पर अटैक किया, आबिद के टखने (Ankle) को कसकर पकड़ा और उन्हें भागने का मौका नहीं दिया।

​शानदार फिनिश: संग्राम उन्हें खींचकर केज के बीच में ले आए और तुरंत 'चोक सबमिशन' (गर्दन दबोचने वाले दांव) में बदल दिया। पाकिस्तानी फाइटर के पास हार मानने (टैप आउट करने) के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
​कोच भूपेश कुमार ने बताया कि संग्राम ने अर्जेंटीना में हुई अपनी पिछली MMA फाइट में भी इसी तरह का लेग-अटैक दांव इस्तेमाल किया था, जिससे एक बार फिर उनकी बेहतरीन ग्रैपलिंग स्किल्स साबित हुई हैं।

​ *अजेय सफर जारी*

​अपने MMA करियर में इससे पहले संग्राम सिंह ने पाकिस्तान के अली रजा नासिर, ट्यूनीशिया के हाकिम त्राबेसी और फ्रांस के फ्लोरियन कॉडियर को हराकर अपना ऑल-विन (अजेय) रिकॉर्ड बनाए रखा है।

​जीत के बाद संग्राम सिंह ने कहा:

​"मेरी हर फाइट मेरे देश के लिए होती है। मेरा सपना हमेशा भारतीय तिरंगे को ऊंचा लहराते देखना है। पहला भारतीय एशियन MMA चैंपियन बनना एक गर्व का क्षण है, जिसे मैं हर भारतीय को समर्पित करता हूँ।"
​इस बड़ी जीत के साथ संग्राम सिंह ने न केवल अपना नाम भारत के खेल इतिहास में दर्ज करा लिया है, बल्कि भारतीय MMA को एक नए दौर में पहुंचा दिया है—यह साबित करते हुए कि भारत की कुश्ती का हुनर दुनिया के सबसे बड़े मंचों को भी फतेह कर सकता है।
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