भारत को मिला साइकलिंग का रोनाल्डो, रजत पदक जीतकर रचा इतिहास

एशियाई चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने रोनाल्डो

Last Updated: गुरुवार, 23 जून 2022 (11:52 IST)
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नई दिल्ली: वैसे तो रोनाल्डो एक विश्व प्रसिद्ध फुटबॉलर हैं लेकिन भारत को साइकलिंग में एक रोनाल्डो मिल गया है जिसने इतिहास रच दिया है।भारत के ने बुधवार को 2022 के आखिरी दिन इतिहास रचते हुए स्प्रिंट स्पर्धा में रजत पदक जीत लिया। > यह प्रतियोगिता में उनका तीसरा पदक था। इससे पहले रोनाल्डो एक किमी टाइम ट्रायल और टीम स्प्रिंट स्पर्द्धा में कांस्य पदक जीत चुके थे। चैम्पियनशिप के अंतिम दिन बुधवार को रोनाल्डो ने जापान के अनुभवी साइकिलिस्ट केंटो यामासाकी को कड़ी टक्कर दी, मगर उन्हें रजत से संतोष करना पड़ा। यामासाकी ने रोनाल्डो को लगातार दो रेसों में हराकर पहला स्थान हासिल किया, जबकि कज़ाकस्तान के आंद्रे चुगे ने तीसरा स्थान हासिल किया।> सुबह के मुकाबले में रोनाल्डो ने चुगे को सेमीफाइनल में हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। रोनाल्डो ने पहले मुकाबले में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए अगली दोनों रेस जीती थीं।
अपने जन्मदिन पर रजत पदक जीतने के बाद रोनाल्डो ने कहा, “मेरे दिमाग में स्वर्ण था मगर मैं अपने पहले रजत से भी खुश हूं। यह मेरे करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। मैंने हर टूर्नामेंट के साथ अपनी तकनीक पर काम किया, जो सबसे अहम था और अपने परिवार के आशीर्वाद से मैंने इसे हासिल किया।”

जूनियर साइकिलिस्ट बिरजीत युमनाम ने भारत को एक और पदक दिलाते हुए कांस्य अपने नाम किया। युमनाम ने पुरुषों के जूनियर वर्ग की 15 किमी पॉइंट्स रेस में 23 पॉइंट हासिल किये। वह करीबी मुकाबले में एक पॉइंट से चूक गये और उनके प्रतिद्वंदी कोरिया के सुंगयेन ली ने 24 पॉइंट के साथ रजत हासिल किया। उज़्बेकिस्तान के फरूख़ बोबोशेरोव ने इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।

इसके अलावा 19 वर्षीय चयनिका गोगोई ने सबको आश्चर्यचकित करते हुए 10 किमी महिला स्क्रैच रेस में कांस्य पदक जीता। चयनिका ने पदक जीतने के बाद कहा, “मैंने कभी भी प्रशिक्षण नहीं छोड़ा। मुझे खुशी है कि मेरी मेहनत रंग लाई। मेरा एकलौता लक्ष्य देश के लिये खेलना और पदक जीतना है।”

चैम्पियनशिप के अंत में साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव मनिंदर सिंह पाल ने कहा, “हमने छुपारुस्तम के तौर पर शुरुआत की थी लेकिन हमसे जैसी उम्मीद की जा रही थी हमने उससे बेहतर प्रदर्शन किया। जब आपके एथलीट अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने लगते हैं तो सबका दिल कहता है, ‘यह दिल मांगे मोर’। मैं अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन से खुश हूं और मुझे विश्वास है कि हमारे एथलीट 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में प्रतिद्वंदियों को कड़ी टक्कर देंगे।”



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