शिष्य ने अपने गुरु तीरंदाज लिम्बाराम को ठगा

जयपुर| भाषा|
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जयपुर। तीरंदाजी में बेहतर प्रदर्शन के लिए पद्मश्री से सम्मानित को उनका ही एक शिष्य तीरंदाजी अकादमी खोलने का झांसा देकर पद्मश्री का प्रमाण पत्र और पांच लाख रुपए ठग कर फरार हो गया।

ज्योतिनगर थाना के अनुसार तीरंदाज लिम्बाराम ने अपने शिष्य प्रवीण शर्मा के खिलाफ हनुमानगढ़ में तीरंदाजी अकादमी खोलने के नाम पर चार लाख रुपए नकद, एक लाख रुपए का चेक और पद्मश्री सम्मान में मिला प्रमाण पत्र हड़पने का मामला गुरुवार को दर्ज करवाया।
रिपोर्ट के अनुसार लिम्बाराम से प्रशिक्षण ले रहे प्रवीण शर्मा ने वर्ष 2008 में अपने गुरु लिम्बाराम को हनुमानगढ़ में तीरंदाजी अकादमी खोलने के लिए राजी कर जमीन खरीदने के लिए चार लाख रुपए और बाद में एक लाख रुपए का चैक ले लिया।

पुलिस ने दर्ज रिपोर्ट के हवाले से बताया कि आरोपी प्रवीण शर्मा अकादमी की मंजूरी के लिए वर्ष 2011 में लिम्बाराम से पद्मश्री का प्रमाण पत्र लेकर फरार हो गया। उन्होंने बताया कि लिम्बाराम ने अपने शिष्य का इंतजार किया ओर उससे सम्पर्क करने का प्रयास भी किया, लेकिन बाद में थक-हार कर उन्‍होंने अपने शिष्य के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज करवाया।
पुलिस ने आरोपी प्रवीण शर्मा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 406 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तीरंदाज लिम्बाराम ने कहा कि बच्चा तीरंदाजी सीखने के लिए आ रहा था, लिम्बाराम के अनुसार प्रवीण ने कहा, गुरुजी हनुमानगढ़ में तीरंदाजी अकादमी खोलने के लिए सस्ती कीमत पर जमीन दिलवा दूंगा।

लिम्बाराम ने कहा कि मैंने उसकी मांग के अनुसार चार लाख रुपए नकद और एक लाख रुपए का चेक दे दिया। लिम्बाराम ने कहा कि कुछ महिनों बाद उसने अकादमी की मंजूरी के लिए मेरा पद्मश्री का प्रमाण पत्र मांगने पर मैंने ओरिजनल प्रमाण पत्र उसे दे दिया, तभी से वह नहीं मिल रहा है। आखिर में पुलिस में मामला दर्ज करवाने को मजबूर हुआ। (भाषा)



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