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Written By ND
पुनः संशोधित बुधवार, 11 फ़रवरी 2009 (10:40 IST)

घरेलू सिस्टम को सशक्त करना होगा-पादुकोण

भारत के पहले ऑल इंग्लैंड चैंपियन प्रकाश पादुकोण ने कहा कि देश में बैडमिंटन को बढ़ावा देने के लिए घरेलू स्तर पर सिस्टम में सुधार करने की जरूरत है।

यहाँ राष्ट्रीय बैडमिंटन टूर्नामेंट में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने आए पादुकोण ने कहा कि चीन या इंडोनेशिया की तुलना में हमारे देश में इतनी अच्छी सुविधाएँ नहीं हैं। हमें खिलाड़ियों के प्रशिक्षण को भी बेहतर करना होगा। हमें खिलाड़ियों के कोचिंग के स्तर को भी सुधारना होगा। साथ ही घरेलू स्तर ज्यादा से ज्यादा स्पर्धाएँ होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि हमारे दश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा से ज्यादा मौका दिया जाना चाहिए, जिससे उनमें अनुभव और परिपक्वता बढ़े। इसमें नीचले स्तर पर भी सुधार की जरूरत है।

लगातार नौ बार राष्ट्रीय चैंपियन रह चुके पादुकोण ने अपनी एकेडमी के बारे में कहा कि उचित प्रशिक्षण के कारण वहाँ से अच्छे खिलाड़ी निकल रहे हैं। यदि देश को इस खेल में तरक्की करना है तो ज्यादा एकेडमी प्रारंभ करनी होंगी। उनकी एकेडमी की एक शाखा पुणे में है और अब आगे अभी नई जगह से एकेडमी प्रारंभ करने की उनकी कोई योजना नहीं है। वैसे देश में क्षेत्रीय स्तर पर एकेडमी खोली जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश में कई प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। साइना नेहवाल इस समय अच्छा खेल रही हैं। उनके अलावा युवाओं में अदिती मुटाटकर, आनंद पवार, पी. कश्यप और अजय जयराम भी काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन इन्हें काफी मेहनत करना होगी। पादुकोण ने कहा कि अब इस खेल में काफी बदलाव आ गए हैं। अब खेल में तेजी और पॉवर गेम हो गया है। पादुकोण ने इस बात से इनकार किया कि क्रिकेट के कारण दूसरे खेलों की अनदेखी हो रही है।

क्रिकेट का सिस्टम अच्छा है और मार्केटिंग अच्छी है। इस कारण उनके पास प्रायोजकों की कमी नहीं है। दूसरे खेलों के महासंघों को भी इससे सबक लेना चाहिए। देश में विदेशी प्रशिक्षक के बारे में उन्होंने कहा कि इसमें कोई हर्ज नहीं है। वैसे भारत में भी स्तरीय प्रशिक्षक हैं। उनकी सहायता से भारतीय खिलाड़ियों की तकनीक में भी सुधार होगा। (नईदुनिया)