सुरंजय को सोने से कम कुछ मंजूर नहीं

नई दिल्ली।| वार्ता|
PTI
कॉमनवेल्थ गेम्स में 52 किग्रा वजन वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले मणिपुर के मुक्केबाज सुरंजय सिंह ने कहा कि वह अपनी जीत के सिलसिले को अगले महीने चीन के ग्वांगझू में होने वाले एशियाई खेलों में बरकरार रखेंगे और देश के लिए स्वर्ण जीतने की पूरी कोशिश करेंगे।


कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले भारतीय मुक्केबाजों को उनके प्रायोजक मोनेट ग्रुप द्वारा एक भव्य कार्यक्रम में सम्मानित किए जाने के अवसर पर सुरंजय ने कहा एशियाई खेलों में निश्चित रूप से मुकाबला बहुत कड़ा होगा।

एशियाई देशों के बेहतरीन मुक्केबाज इन खेलों में उतरेंगे, लेकिन मुझे भी पीले रंग के पदक से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। सुरंजय ने आत्मविश्वास के साथ कहा मैं जीत का भूखा हूँ और मैं हमेशा जीत की तलाश में लगा रहता हूँ। मुझे खुशी है कि मैंने देश के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण जीता और अब मैं यही कोशिश एशियाई खेलों में भी करूँगा।

'छोटा टायसन' के नाम से विख्यात सुरंजय ने कहा लेकिन मुक्केबाजी ऐसा खेल है, जिसमें आप शर्तिया कुछ भी नहीं कह सकते। एक पंच में पूरा मुकाबला बदल जाता है। मगर मैं एशियाई खेलों में विजयी पंच लगाने के लिए खुद को पूरी तरह तैयार करूँगा।


कॉमनवेल्थ गेम्स में 91 किग्रा से अधिक के वजन वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले परमजीत समोटा ने भी माना कि एशियाई खेलों में मुकाबला बहुत मुश्किल होगा लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि मजा तभी है जब आप मुश्किल मुकाबले से पदक जीत जाओ।
समोटा ने कहा मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि मैंने देश के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण जीता। यहाँ भी मुकाबला कोई बहुत आसान नहीं था। मगर मेरा इच्छा शक्ति काफी मजबूत है, इसलिए मैं विपरीत परिस्थितियों में कामयाब हो जाता हूँ।

इस अवसर पर मौजूद भारतीय मुक्केबाजी टीम के मुख्य कोच जीएस संधू ने भी माना कि एशियाई खेलों में कॉमनवेल्थ गेम्स की तुलना में मुकाबला कड़ा होगा। संधू ने कहा दोहा में पिछले एशियाई खेलों में भारतीय मुक्केबाजों ने सिर्फ दो काँस्य पदक जीते थे। इसी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि एशियाई स्तर पर जीतना आसान नहीं है, लेकिन मैं भी अपने मुक्केबाजों से और पदक चाहता हूँ।
उन्होंने कहा कि देश की जनता भी और पदक चाहती है लेकिन अभी मैं आपको यह नहीं बता सकता कि हम एशियाई खेलों में अंदाजन कितने पदक जीत पाएँगे। मुझे कम से कम दो चार दिन का समय दीजिए। उसके बाद ही मैं ऐसा कोई आँकड़ा दे पाऊँगा।

मुख्य कोच ने कहा कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों के बीच बहुत कम फासला है और मुक्केबाजों को तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिल पाएगा, लेकिन हमारे मुक्केबाजों का हौसला बुलंद है और वे निश्चित ही चीन में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। (वार्ता)



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