राष्ट्रमंडल खेल : संजीता ने भारत का खाता सोने के पदक से खोला

ग्लास्गो| वार्ता|
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ग्लास्गो। खुमुकचाम संजीता चानू और सेखोम मीराबाई चानू ने 20वें राष्ट्रमंडल खेलों की प्रतियोगिताओं के पहले दिन भारोत्तोलन की महिला 48 किग्रा स्पर्धा में क्रमश: स्वर्ण और जीतकर देश का पदकों का खाता खोला।


समाचार लिखे जाने तक ने 1 स्वर्ण, 2 रजत और एक कांस्य पदक जीतने में कामयाबी हासिल की है। जूडो स्पर्धा में भारत के नवजोत चाना ने 60 किलोग्राम वर्ग में रजत और कल्पना थोडम ने 52 किलोग्राम भार समूह में कांस्य पदक जीता।

पहले दिन इंग्लैंड 5 स्वर्ण, 6 रजत और तीन कांस्य के साथ शीर्ष पर है। ऑस्ट्रेलिया ने 4 स्वर्ण, 3 रजत, 7 कांस्य के साथ दूसरे तथा स्कॉटलैंड ने 3 स्वर्ण, 1 रजत और 2 कांसे के पदक के साथ तीसरे स्थान पर चला रहा है। पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में 101 पदक जीतकर पदक तालिका में दूसरे नंबर पर रहने वाला भारत अभी चौथे पायदान पर है।

भारोत्तलन प्रतियोगिता में भारत की संजीता ने कई मजबूत प्रतिस्पर्धियों की गैरमौजूदगी में कुल 173 किग्रा (77 और 96 किग्रा) वजन उठाया जबकि मीराबाई 170 किग्रा (75 और 95 किग्रा) वजन उठाने में सफल रही। नाइजीरिया की नकेची ओपारा ने कुल 162 किग्रा (70 और 92 किग्रा) वजन उठाकर तीसरा स्थान हासिल किया।

संजीता हालांकि 175 किग्रा के अगस्तीना नकेम नावाओकोलो के राष्ट्रमंडल खेलों के रिकार्ड से दो किग्रा से पीछे रह गई। संजीता ने स्नैच में 77 किग्रा वजन उठाकर अगस्तीना के राष्ट्रमंडल खेलों के रिकार्ड की बराबरी की। उन्होंने क्लीन एवं जर्क में 96 किग्रा वजन उठाया।

स्नैच स्पर्धा के बीच में ही भारत का दबदबा स्थापित हो गया था जब 20 साल की संजीता और 19 साल की मीराबाई ने क्रमश: 77 और 75 किग्रा वजन उठाया। नाइजीरिया की ओपारा स्नैच में 70 किग्रा वजन ही उठा पाई। उनका 75 किग्रा का तीसरा प्रयास विफल रहा।
संजीता ने स्नैच में 72 किग्रा वजन उठाकर शुरुआत की और फिर 77 किग्रा वजन उठाया। मीराबाई 75 किग्रा के अपने पहले प्रयास में विफल रही लेकिन उन्होंने तीसरे प्रयास में यह वजन उठा लिया। यह मुकाबला इसके बाद मुख्य रूप से मणिपुर की इन दो खिलाड़ियों के बीच ही रह गया था जिसमें अंतत: संजीता ने बाजी मार ली। (भाषा/वेबदुनिया)



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