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प्रयागराज : महाकुंभ में प्रवासियों के बीच वीके सिंह, बोले- 'जोश इज़ वेरी हाई सर'

Updated: शुक्रवार, 25 जनवरी 2019 (16:26 IST)
नई दिल्ली / प्रयागराज। 15वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के शानदार आयोजन एवं प्रयागराज में कुंभ स्नान की बेहतरीन मेज़बानी से अभिभूत प्रवासी भारतीयों ने कल रात भारतीय सेना के पूर्व अध्यक्ष एवं विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह को दिल को छू लेने वाली ‘सलाम’ पेश किया।
 
प्रयागराज में प्रवासी भारतीय जब कुंभ स्नान करके इलाहाबाद जंक्शन के नवनिर्मित प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर पहुंचे तो उनके स्वागत के लिए रेलवे का प्रशासन मुस्तैद था। प्रवासी भारतीयों को गणतंत्र दिवस परेड दिखाने दिल्ली लाने के लिए रेलवे ने तीन विशेष ‘हमसफर एक्सप्रेस’ ट्रेनों की व्यवस्था की थी। प्लेटफॉर्म पर चाय, कॉफी, बिस्कुट आदि के साथ उनका स्वागत किया गया।
 
वाराणसी से करीब 3 हजार प्रवासी भारतीय लगभग 90 बसों में सवार होकर प्रयागराज आए थे। सिविल लाइन साइड से जब बसें स्टेशन पर पहुंचीं तो स्टेशन के बाहर कुली मेहमानों का सामान नि:शुल्क उठा कर उनके कोच में ले गए।
 
प्लेटफॉर्म पर विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह विदेश मंत्रालय एवं उत्तर-मध्य रेलवे के अधिकारियों के साथ मौजूद थे और उन्होंने प्लेटफॉर्म पर ही एक घंटे से अधिक समय तक तकरीबन हर मेहमान से मुलाकात की, उनके हाल-चाल जाने और सेल्फी लेने का भी मौका दिया।
 
जनरल सिंह ने पहली विशेष ट्रेन 00445 डाउन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और उसी में सवार हो गए। इलाहाबाद से कानपुर तक के रास्ते में करीब ढाई घंटे तक जनरल सिंह फिर से पहले कोच से अंतिम अट्ठाहरवें कोच तक गए और हर सीट पर प्रवासी मेहमानों से बातचीत करके उनकी राय जानी। जनरल सिंह के इस व्यवहार से सभी अभिभूत हो गए। सभी प्रवासियों ने उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
 
रात करीब पौने 11 बजे जब जनरल सिंह बी-17 कोच में पहुंचे तो पूरे कोच के प्रवासियों ने हाल ही में रिलीज़ ‘उरी : द सर्जिकल स्ट्राइक’ के एक डायलॉग के साथ उनका अभिनंदन किया। अमेरिका से आई एक प्रवासी महिला ने जोर से कहा, “हाउ इज़ जोश” और बाकी सारे लोग पूरे जोशोखरोश से बोले, “जोश इज़ वेरी हाई सर, वेरी-वेरी हाई”। इसे दो तीन बार दोहराया गया तो जनरल सिंह और बाकी पूरा कोच गद्गद हो गया।
 
मॉरीशस से आए लालजी कुरजी पटेल ने कहा कि जनरल साहब ने बहुत अनोखी शिष्टता का परिचय दिया है और इसके लिए हमने उनका विशेष रूप से अभिनंदन करने की सोची। जनरल साहब ने हर कोच में हमसे, हमारी सेहत के बारे में और यात्रा के अनुभव के बारे में पूछा और सेल्फी खिंचवाई। हम इससे अभिभूत हैं।
 
बाद में ट्रेन में चल रहे पत्रकारों से बातचीत में जनरल सिंह ने कहा कि प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन एवं कुंभ मेला में प्रवासियों की इस भागीदारी का सबसे बड़ा संदेश बहुत छोटा एवं आसान है कि भारत बदल रहा है और आप सबको इसे समझना चाहिए।
 
इतना ही नहीं, सुबह सवा सात बजे ट्रेन के सफदरजंग रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर जनरल सिंह सबसे पहले उतरे और सभी मेहमानों के गणतंत्र दिवस परेड में पास वितरण की व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और बहुत देर तक स्टेशन पर मौजूद रह कर इंतजाम देखे।
 
इससे पहले प्रयागराज में प्रवासी भारतीयों ने त्रिवेणी संगम में स्नान के पहले किले में स्थित अक्षयवट के दर्शन किए। सेना के अधीन इस किले में स्थित अक्षय वट के दर्शन किए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर जनता को 472 साल बाद इस पौराणिक धार्मिक महत्व के वट वृक्ष के दर्शन का सुअवसर प्राप्त हुआ है। अनेक प्रवासी भारतीय अक्षयवट के दर्शन करके भावविभोर दिखे।
 
न्यूयॉर्क से आए डॉ. कृष्णा कुमार ने कहा कि आज हम इस प्राचीन वृक्ष के दर्शन कर रहे हैं जिसने विज्ञान के तमाम सिद्धांतों को झुठला दिया है। हमें यहां आने पर बहुत गौरव की अनुभूति है।
 
अमेरिका के टेक्सास प्रांत में एक सामुदायिक रेडियो स्टेशन का संचालन करने वाली सुश्री एच. करिश्मा ने कहा कि संगम में डुबकी लगाने का अनुभव बहुत आत्मिक शांति दिलाने वाला एक दिव्य अनुभव रहा। (वार्ता)

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