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सिंहस्थ और दान : फल दान का महत्व

Written By WD
Updated: मंगलवार, 9 फ़रवरी 2016 (17:32 IST)
तीर्थ स्थल हरिद्वार में श्रद्धालु दक्षिणा के साथ वस्त्र से ढंक कर सोलह, तीन या एक फल का दान करते हैं। संकल्प में फल का नाम लेकर उसे विधि पूर्वक ब्राह्मणों को देना चाहिए। इस दान के लिए यह विचार करना कतई जरूरी नहीं है कि दान लेने वाला इसका अधिकारी है या नहीं।
 
दान के लिए नारियल, नारंगी, खजूर, अनार, सुपारी, तरबूज, कोल्हा, ककड़ी, जायफल, केला, आम, जामुन, नींबू, बेल और दूसरे मीठे पल का प्रयोग किया जा सकता है। जिस मौसम में जो फल मिल सकते हैं, उन्हीं का दान करना चाहिए। फलदान करने से पुत्र प्राप्त होता है। सिंहस्थ में यह दान खासतौर से फलदायी माना गया है।

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