दारिद्रय दहन स्तोत्र : श्रावण मास में इसे पढ़ने से दूर होते हैं आर्थिक संकट
श्रावण में अवश्य पढ़ें दारिद्रय दहन स्तोत्र, होगी स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति
दरिद्रता एक अभिशाप है। शास्त्र कहता है-
'बभक्षित: किं न करोति पापम्।
क्षीणा: नरा: निष्करूणा भवन्ति।।''
अर्थात भूखा व्यक्ति कौन सा पाप नहीं करता। हमारे शास्त्रों में ऐसे अनेक अनुष्ठानों एवं स्तोत्र का उल्लेख है जिनसे दरिद्रता से मुक्ति मिलती है। श्रावण मास में भगवान शिव का 'दारिद्रय दहन स्तोत्र' के साथ अभिषेक करने से मनुष्य को स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।
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लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।.... और पढ़ें