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श्रावण अधिक पूर्णिमा का खास दिन, 3 साल में एक बार आई है तो कर लें ये उपाय

Updated: मंगलवार, 1 अगस्त 2023 (09:41 IST)
Adhik Purnima 2023 : 1 अगस्त 2023, दिन मंगलवार को सावन महीने के अधिक मास की पूर्णिमा मनाई जा रही है। इस दिन मंगला गौरी व्रत होने के कारण शिव-पार्वती के पूजन-आराधना तथा उपासना का सौभाग्य हम सभी को मिल रहा है।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार 3 साल में एक बार आने वाले पुरुषोत्तम/अधिक मास में यह श्रावण अधिक मास की पूर्णिमा पड़ रही है। मान्यतानुसार हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होने के कारण इस दिन कुछ खास उपाय अवश्‍य ही किए जाने चाहिए। 
 
आइए जानते हैं यहां श्रावण अधिक पूर्णिमा के दिन करने योग्य कुछ खास उपाय : 
 
1. पूर्णिमा के देवता चंद्रमा होने के कारण इस दिन भगवान भोलेनाथ के साथ-साथ चंद्र देवता का पूजन करें, इससे घर में शांति और समृद्धि आएगी।
 
2. पूर्णिमा का व्रत रखकर एकासन करें, यानी एक समय भोजन ग्रहण करने से सभी तरह के चंद्र दोष दूर होकर शुभ फल मिलने लगते हैं।
 
3. पूर्णिका के दिन पितृ तर्पण करने से पितरों का आशीष मिलता है, इससे जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं।
 
4. श्रावण अधिक पूर्णिमा के दिन 1 नारियल घर लेकर आए और उसे अपने ऊपर से 21 बार वार कर बाहर किसी स्थान पर जला दें। इससे सभी तरह की अला-बला और हर संकट दूर होकर खुशहाली का आगमन होता है। 
 
5. इस बार श्रावण अधिक पूर्णिमा के दिन मंगला गौरी व्रत मनाया जा रहा है। अत: इस तिथि का महत्व अधिक बढ़ जाने के कारण इस दिन शिव-पावर्त जी की विधिवत आराधना करके लाल वस्त्र, लाल पुष्प, लाल फल, मसूर की दाल, रुपया-पैसा आदि का दान किसी योग्य ब्राह्मण अथवा असहाय व्यक्ति को करें, निश्चित ही लाभ होगा।
 
6. श्रावण पूर्णिमा पर मिट्टी के शिवलिंग बना कर धतूरा, आंकड़े के पुष्‍प, गंगा जल, सादा जल आदि अर्पित करते हुए शिव जी की विधिवत पूजा करने से जीवन की तमाम परेशानियां दूर होती है। 
 
7. श्रावण पूर्णिमा के दिन यदि नदी का जल भरकर लाकर उससे शिवलिंग का अभिषेक किया जाए और बेलपत्र चढ़ाया जाए तो शिव जी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। 
 
8. घर में यदि नकारात्मक शक्तियों ने घेर रखा है या कुछ अप्रिय घटनाएं घटित होती रहती हैं तो श्रावण माह में या सावन पूर्णिमा के चांदी या तांबे का त्रिशूल लाकर घर में स्थापित करने से लाभ मिलेगा। 
 
9. धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमान जी रुद्रावतार है। यानी श्री हनुमान शिव के रुद्र अवतारों में से एक हैं। अत: श्रावण मास में हनुमान जी की उपासना महत्वपूर्ण होने के कारण इस महीने में शिव जी के साथ-साथ हनुमान जी की पूजा करने से सभी तरह के संकट दूर हो जाते हैं।
 
10. श्रावण अधिक पूर्णिमा के दिन शिव-पार्वती जी साथ नाग देवता का पूजन करें, इससे शिव जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इनसे संबंधित किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

rk. 
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