Hanuman Chalisa
✕

यह हैं श्राद्ध के 6 पवित्र लाभ और तुलसी का महत्व

Updated: गुरुवार, 7 सितम्बर 2017 (14:13 IST)
तुलसी से पिण्डार्चन किए जाने पर पितरगण प्रलयपर्यन्त तृप्त रहते हैं। तुलसी की गंध से प्रसन्न होकर गरुड़ पर आरुढ़ होकर विष्णुलोक चले जाते हैं।
 
पितर प्रसन्न तो सभी देवता प्रसन्न
 
श्राद्ध से बढ़कर और कोई कल्याणकारी कार्य नहीं है और वंशवृद्धि के लिए पितरों की आराधना ही एकमात्र उपाय है... 
 
आयु: पुत्रान् यश: स्वर्ग कीर्तिं पुष्टिं बलं श्रियम्।
पशुन् सौख्यं धनं धान्यं प्राप्नुयात् पितृपूजनात्।। (यमस्मृति, श्राद्धप्रकाश)
 
यमराजजी का कहना है कि–
 
* श्राद्ध-कर्म से मनुष्य की आयु बढ़ती है।
* पितरगण मनुष्य को पुत्र प्रदान कर वंश का विस्तार करते हैं।
* परिवार में धन-धान्य का अंबार लगा देते हैं।
* श्राद्ध-कर्म मनुष्य के शरीर में बल-पौरुष की वृद्धि करता है और यश व पुष्टि प्रदान करता है।
* पितरगण स्वास्थ्य, बल, श्रेय, धन-धान्य आदि सभी सुख, स्वर्ग व मोक्ष प्रदान करते हैं।
* श्रद्धापूर्वक श्राद्ध करने वाले के परिवार में कोई क्लेश नहीं रहता वरन् वह समस्त जगत को तृप्त कर देता है।

ALSO READ: श्राद्ध में अर्पित सामग्री पितरों को कैसे मिलती है?

ALSO READ: श्राद्ध करने की सबसे सरल विधि (देखें वीडियो)
लेखक के बारे में
आचार्य राजेश कुमार
दिव्यांश ज्योतिष केंद्र, लखनऊ.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

शारदीय नवरात्रि 2026: मां कालरात्रि की पूजा विधि, मंत्र, आरती और पौराणिक कथा जानें

विजयादशमी का महाउपाय: 100 रुपए की इस एक दिव्य वस्तु से चमक जाएगी आपकी किस्मत

शारदीय नवरात्रि: व्रत पारण की तिथियाँ एवं सही नियम

दशहरा 2026: शस्त्र पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? जानें सही विधि और धार्मिक महत्व

विजयादशमी 2026: दशहरा पर दशहरी देने की परंपरा क्या है, जानिए इसका धार्मिक और सामाजिक महत्व

अगला लेख