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पंचमी का श्राद्ध क्यों है खास, जानिए विशेषताएं

Updated: मंगलवार, 13 सितम्बर 2022 (14:21 IST)
10 सितंबर से श्राद्ध पक्ष प्रारंभ हो गए हैं जो 25 सितंबर 2022 तक चलेंगे। तिथि घट बढ़ के अनुसार कुछ लोगों के अनुसार द्वितीया और तृतीया एक दिन थी तो कुछ के अनुसार नहीं। पंचमी का श्राद्ध 14 सितंबर को रखा जाएगा। आओ जानते हैं कि पंचमी के श्राद्ध की विशेषताएं।
 
पितृ पक्ष पंचमी तिथि श्राद्ध 2022 | Pitru Paksha Panchami Tithi shradh 2022 start date and end date
 
पितृ पक्ष पंचमी तिथि | Pitru Paksha Panchami Tithi :14 सितम्बर 2022 को सुबह 10:25 बजे से लेकर अगले दिन 15 सितम्बर 2022 सुबह 11:00 तक।  
 
कुतुप काल | Kutup kaal Muhurt : सुबह 11.58 - दोपहर 12.47
 
पंचमी के श्राद्ध की विशेषता | Speciality of Panchami shradh 2022 date and time :
 
- पंचमी का श्राद्ध कुतुप काल, रोहिणी काल या मध्यान्ह काल में करें।
 
- जिस किसी भी जातक की मृत्यु कृष्ण या शुक्ल पक्ष की पंचमी को हुई है उसका श्राद्ध इस तिथि को करते हैं।
 
- पंचमी का श्राद्ध उनके लिए भी किया जाता है जिनकी मृत्यु गत वर्ष ही हुई हो।
 
- पंचमी तिथि को श्राद्ध करने वाला उत्तम लक्ष्मी की प्राप्ति करता है।
 
- जिनकी मृत्यु अविवाहित स्थिति में हुई है उका पंचमी को श्राद्ध करते हैं। इसीलिए इसे कुंवारा पंचमी भी कहते हैं।
 
- पंचमी के दिन काले तिल, वस्त्र, अन्न, गुड़ घी, जूते, छाता, आदि यथाशक्ति दान करें।
 
- श्राद्ध में मिर्च, मांसाहार, बैंगन, प्याज, लहसुन, बासी भोजन, सफेद तील, मूली, लौकी, काला नमक, सत्तू, जीरा, मसूर दाल, सरसो साग, चना वर्जित है।

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