सम्बंधित जानकारी
- Shiv Chalisa in Hindi : हर मनोकामना पूरी करता है पावन शिव चालीसा का पाठ
- Mahashivratri Mantra : महाशिवरात्रि 2021 के 4 प्रहर के 4 मंत्र और 13 काम की बातें
- आज है महाशिवरात्रि 2021 : यहां जानिए हर प्रहर की पूजा के सबसे शुभ मुहूर्त और सरल विधि
- Mahashivratri 2021 : पार्वती और शिव के विवाह की अद्भुत पौराणिक और प्रामाणिक कथा
- 108 name of lord Shiva: भोलेनाथ भगवान शंकर के 108 नाम, खोल देंगे किस्मत के द्वार
Mahashivratri 2021 : जाग जाएगा सोया नसीब, महाशिवरात्रि के दिन राशि अनुसार ऐसे करें पूजन
शिवरात्रि विशेष : 12 राशियों के लिए पूजन के विशेष प्रकार
शिवरात्रि पर्व पर अलग-अलग राशि के लोगों के लिए विशेष पूजन के प्रकार का प्रावधान है। भगवान शिव यूं तो मात्र जल और बिल्वपत्र से प्रसन्न हो जाते हैं लेकिन उनका पूजन अगर अपनी राशि के अनुसार किया जाए तो अतिशीघ्र फल की प्राप्ति होती है।
मेष- रक्तपुष्प से पूजन करें तथा अभिषेक शहद से करें। 'ॐ नम: शिवाय' का जप करें।
वृषभ- श्वेत पुष्प तथा दुग्ध से पूजन-अभिषेक करें। महामृत्युंजय का मंत्र जपें।
मिथुन- अर्क, धतूरा तथा दुग्ध से पूजन-अभिषेक करें। शिव चालीसा पढ़ें।
कर्क- श्वेत कमल, पुष्प तथा दुग्ध से पूजन-अभिषेक करें। शिवाष्टक पढ़ें।
सिंह- रक्त पुष्प तथा पंचामृत से पूजन-अभिषेक करें। शिव महिम्न स्त्रोत पढ़ें।
कन्या- हरित पुष्प, भांग तथा सुगंधित तेल से पूजन-अभिषेक करें। शिव पुराण में वर्णित कथा का वाचन करें।
तुला- श्वेत पुष्प तथा दुग्ध धारा से पूजन-अभिषेक करें। महाकाल सहस्त्रनाम पढ़ें।
वृश्चिक- रक्त पुष्प तथा सरसों तेल से पूजन-अभिषेक करें। शिव जी के 108 नामों का स्मरण करें।
धनु- पीले पुष्प तथा सरसों तेल से पूजन-अभिषेक करें। 12 ज्योतिर्लिंगों का स्मरण करें।
मकर- नीले-काले पुष्प तथा गंगाजल से पूजन-अभिषेक करें। शिव पंचाक्षर मंत्र का जप करें।
कुंभ- जामुनिया-नीले पुष्प तथा जल से पूजन-अभिषेक करें। शिव षडाक्षर मंत्र का 11 बार स्मरण करें।
मीन- पीले पुष्प तथा मीठे जल से पूजन-अभिषेक करें। रावण रचित शिव तांडव का पाठ करें।
नोट : पूजन में पहले ध्यान, आवाहन, आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, पंचामृत स्नान, शुद्धोदक जल स्नान, वस्त्र, यज्ञोपवीत, उपवस्त्र, चंदन, अक्षत, पुष्प, पुष्प माला, धूप-दीप, नैवेद्य नीराजन, पुष्पांजलि, परिक्रमा, क्षमा-प्रार्थना इत्यादि मूल मंत्र का प्रयोग करें। जो वस्तु कम हो, उस वस्तु की जगह अक्षत का प्रयोग करें।
