भगवान शिव की थीं चार पत्नियां?

हिन्दू पुराणों में भगवान शिव के ‍जीवन का जो चित्रण मिलता है वह बहुत ही विरोधाभासिक और न समझ में आने वाला लगता है, लेकिन शोधार्थियों के लिए यह मुश्किल काम नहीं है। हालांकि समाज के मन में उनके नाम, जीवन और अन्य बातों को लेकर कोई स्पष्ट तस्वीर नजर नहीं आती।
पुराणों को पढ़ने पर पता चलता है कि सदाशिव और महेश दोनों अलग-अलग सत्ताएं थीं। शिव के जिस निराकार रूप की चर्चा की जाती है दरअसल वे पार्वती के पति नहीं है वे तो परब्रह्म सदाशिव हैं। उसी तरह शंकर को ही महेश कहा गया है। उक्त सभी से पहले हमें रुद्र के बारे में वेदों से ज्ञान प्राप्त होता है। खैर, यह एक अलग विषय है। अभी तो यह समझे कि ब्रह्मा के पुत्र राजा दक्ष की बेटी सती के पति भगवान शिव की कितनी पत्नियां थीं...
 
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