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चमत्कारिक है हनुमानजी का ये कड़ा और लॉकेट

Updated: शनिवार, 5 अगस्त 2017 (18:01 IST)
धार्मिक कड़ा पहनने के नियम उसी तरह हैं जिस तरह की यज्ञोपवीत पहनने के नियम हैं। बहुत से लोग कड़ा पहनने के बाद किसी भी प्रकार का नशा करते हैं या अन्य कोई अनैतिक कार्य करते हैं तो उसे इसकी सजा जरूर मिलती है इसलिए कड़ा सोच-समझकर पहनें। दूसरी बात इसमें कौन से और कितने रंगों का इस्तेमाल किया गया है यह भी अच्छे से समझ लें। प्लास्टिक का ब्रेसलेट तो बहुत ही खराब होता है।
 
दूसरी बात आजकल हर कोई फैशन के चलते हाथ में कड़ा पहन लेता है। यह भी नहीं देखता है कि वह किस धातु का है। अब सवाल उठता है कि कड़ा कौन-सा पहने? इसका जवाब है कि पीतल, तांबा या चांदी का कड़ा पहनें। कुछ लोग पीतल और तांबे का मिश्रित कड़ा पहनते हैं। ऐसी मान्यता है कि पीतल से गुरु, तांबे से मंगल और चांदी से चंद्र बलवान होता है। लोहे का कड़ा, स्टील का कड़ा या जर्मन का कड़ा तो कतई न पहने।
 
हनुमानजी का कड़ा : कड़ा हनुमानजी का प्रतीक है। शनिवार को ही किसी भी हनुमान मंदिर में जाकर कड़े को बजरंग बली के चरणों में रख दें। अब हनुमान चालीसा का पाठ करें। इसके बाद कड़े में हनुमानजी का थोड़ा सिंदूर लगाकर बीमार व्यक्ति स्वयं सीधे हाथ में पहन लें। हनुमानजी के पीतल और तांबा मिश्रित धातु का कड़ा पहनने से सभी तरह के भूत-प्रेत आदि नकारात्मक शक्तियों से व्यक्ति की रक्षा होती है।
 
हाथ में कड़ा धारण करने से कई तरह की बीमारियों से भी रक्षा होती है। जो व्यक्ति बार-बार बीमार होता है उसे सीधे हाथ में अष्टधातु का कड़ा पहनना चाहिए। मंगलवार को अष्टधातु का कड़ा बनवाएं। हनुमानजी का कड़ा पहनने के नियम होते हैं। यह भी की कड़ा किसे पहनना चाहिए और किसे नहीं इसके भी नियम हैं।
 
हनुमानजी का लॉकेट : वर्तमान में गले में क्रॉस का चिन्ह लटकाना, गिटार लटकाना, बंदूकी की गोली लटकाना या अपने किसी गुरु का लॉकेट पहने का प्रचलन चल पड़ा है। क्रॉस एक ऐसा चिन्ह है तो हमें कब्रिस्तान की याद दिलाता है। इसके अलावा लोग लोहे, स्टील या जर्मन की धातु का लॉकेट भी पहनते हैं। कोई किसी देवी या देवता का लॉकेट पहनता है तो कोई रुद्राक्ष की माला, कुछ लोग तो अभिमंत्रित किया हुआ ताबिज पहनते हैं लेकिन यह सब पहनना व्यर्थ है। यदि पहनना ही है तो सिर्फ दो तरह के लॉकेट पहनना चाहिए पहला ॐ के चिन्ह वाला लॉकेट और दूसरा हनुमानजी की गदा वाला लॉकेट। यही हिन्दू धर्म की पहचान है, लेकिन इसके कई चमत्कारिक कार्य भी है।
 
हनुमानजी का लॉकेट पहनने से व्यक्ति को आत्मिकबल प्राप्त होता है। इस लॉकेट के कारण भूत, प्रेत, पिशाच या अन्य बुरी शक्तियां व्यक्ति से दूर रहती है। साथ ही यदि यह अभिमंत्रित किया हुआ है और इसकी पवित्रता का हमेशा ध्यान रखा जाए तो यह हर तरह की बुरी नजर और किये काराये से भी रक्षा करता है। लॉकेट पहना व्यक्ति किसी के भी बंधन में नहीं रहता साथ ही वह घटना-दुर्घटना से भी बचा रहता है।
 
किस धातु का पहने लॉकेट : गला हमारा लग्न स्थान होता है और लॉकेट पहनने से हमारा हृदय और फेफड़े प्रभावित होते हैं। अत: लॉकेट सिर्फ तीन तरह की धातु का ही पहनना चाहिए पीतल, चांदी और तांबा। सोना भी सोच-समझकर ही पहने। यह भी देखना जरूरी है कि लॉकेट किस प्रकार का है। ॐ बना हुआ या फिर हनुमानजी का लॉकेट ही पहनना चाहिए। इसके अलावा आप मात्र एक गोल धातु का लॉकेट भी पहने सकते हैं। धातु का गोल होना इसलिए जरूरी है कि इससे आपके आसपास ऊर्जा का वर्तुल सही बनेगा। इसके और भी कई लाभ हैं।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें
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