Daily Horoscope
✕

ये चार हैं धन-समृद्धि के देवता...

Updated: बुधवार, 19 जुलाई 2017 (15:50 IST)
हिन्दू धर्म शांति, समृद्धि और उत्सव में विश्वास रखता है। प्राचीन काल से ही हिन्दुओं ने शक्ति, समृद्धि और ज्ञान के रास्ते ढूंढें है। ज्ञान के लिए सरस्वती, धन के लिए लक्ष्मी और शक्ति के लिए पार्वती का पूजन किया जाता रहा है। जानते हैं कि घर में सुख, शांति और समृद्धि को देने वाले कौन से देवी और देवता हैं।
 
1.श्रीगणेश : प्रथम पूज्य गणेश के नाम के साथ ही हर शुभ, लाभ व मंगल कार्य का शुभारंभ होता है। गणेशजी के दाएं ओर स्वस्तिक तथा बाएं ओर ऊँ का चिन्ह बनाया जाता है। यह वास्तु अनुसार सुख शांति और समृद्धि देने वाला है। गणेशजी हिन्दू समृद्धि का प्रथम प्रतीक है। 
 
2.लक्ष्मी देवी : विष्णु की पत्नी लक्ष्मी को धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इनके पिता का नाम महर्षि भृगु और माता का नाम ख्याति है। देवी लक्ष्मी कमलवन में निवास करती हैं, कमल पर बैठती हैं और हाथ में कमल ही धारण करती हैं। पुराण मानते हैं कि उनका जन्म समुद्र मंथन के दौरान क्षीरसागर से हुआ। ज्ञान के बगैर धन व्यर्थ है। अत: जो व्यक्ति माता लक्ष्मी और गणेशजी के साथ ही सरस्वती की पूजा करता रहता है उसके घर में धन और समृद्धि बरकरार रहती है।
 
3.कुबेर देव : रावण के सौतेले भाई कुबेर को भगवान शंकर ने 'धनपाल' होने का वरदान दिया था। इसीलिए कुबेर को सुख-समृद्धि देने वाला देवता माना जाता है। देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर देव को पूजने से भी पैसों से जुड़ी तमाम समस्याएं दूर रहती हैं।
 
4.भगवान विष्णु : विष्णु जगत के पालनहार हैं। उनके बगैर तो कुछ भी संभवन नहीं। अत: जहां भी भगवान विष्णु की पूजा होती रहती है वहां लक्ष्मी, गणेश, धन्वं‍तरि और कुबेर का स्वत: ही वास हो जाता है।

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

शारदीय नवरात्रि 2026: महाअष्टमी और महानवमी की तिथि, पूजा मुहूर्त एवं व्रत पारण

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में चतुर्थी के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्रद्ध

विजयादशमी 2026: कब है दशहरा, रावण दहन कब होगा?

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में तृतीया के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्राद्ध

अक्टूबर 2026 के ग्रह गोचर और नक्षत्र परिवर्तन सहित जानिए प्रमुख व्रत एवं त्योहार

अगला लेख