suvichar
✕

प्रेम गीत : भीगी भीगी बरसातों में

Updated: शुक्रवार, 24 नवंबर 2023 (11:57 IST)
भीगी भीगी बरसातों में
तुम ख्वाबों में छा जाते हो
 
मैं कैसे समझाऊं तुम्हें
मेरे सपनों में तुम आते हो
 
सौंधी सौंधी माटी की खुशबू 
कोई तान छोड़ कर जाती है
 
मद्धम मद्धम पुरवा पवन
गीत कोई सुनाती है
 
मैं तुम्हारी डीपी को चूमकर
उससे लिपटकर रोता हूं
 
तेरी यादों में ही मरता हूं
तेरी यादों में ही जीता हूं।
 
मिलन की बाट जोहता मैं
तेरी यादों के सपने बुनता हूं
 
कैसे बतलाऊं तुमको मैं
तुम्हे प्यार मैं कितना करता हूं।
लेखक के बारे में
राकेशधर द्विवेदी

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

फ्रांस में हिंसक छात्र प्रदर्शन, हर तीन में से एक स्कूल प्रभावित

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: यदि दयालुता हमारा स्वभाव है, तो हिंसा कहाँ से आती है?

वरिष्ठ अधिकारी चक्रपाणि दत्त मिश्र की पुस्तक 'कमेंट्री ऑन इंडियन स्टाम्प एक्ट, 1899' का गौरवमयी विमोचन

फेमिनिस्‍ट औरतों को एक तख़्ती पर मर्दों के लिए यह भी लिखना चाहिए

रानी दुर्गावती जयंती 2026: स्वाभिमान के लिए सीने में घोंप ली थी कटार, जानें गोंडवाना की महान महारानी के अमर बलिदान की कहानी

अगला लेख