जेल की सजा काटने के बाद ओलंपिक में जीता स्वर्ण

रियो डी जेनेरियो| पुनः संशोधित मंगलवार, 9 अगस्त 2016 (18:53 IST)
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रियो डी जेनेरियो। हाल ही में 16 महीने जेल की सजा काटने के बाद ओलंपिक में उतरे कोलंबिया के आस्कर फिगुएरोआ भारोत्तोलन के 62 किग्रा भार वर्ग में ओलंपिक जीतने के बाद इतने भावुक हो गए कि उन्होंने तुरंत खेलों से संन्यास की घोषणा कर दी।
33 वर्षीय आस्कर लंदन ओलंपिक 2012 में रजत पदक विजेता रहे थे। हाल ही में अपनी जेल की सजा के कम होने के बाद वे इन खेलों में वापसी कर रहे हैं। वे 16 महीने की जेल की सजा काट चुके हैं। कोलंबियाई भारोत्तोलक ने इंडोनेशिया के एको यूली इरावान को कड़ी टक्कर दी।
 
मुकाबले के दौरान कोलंबिया के समर्थकों ने ऑस्कर की जमकर हौसला अफजाई की, वहीं खिताब के दावेदार माने जा रहे चीन के चेन लीजुन के पैर में खिंचाव आने के कारण नाम वापस लेने पर भी कोलंबियाई समर्थकों ने खुशी का इजहार किया।
 
ऑस्कर ने स्नैच में 142 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 176 किग्रा सहित कुल 318 किग्रा वजन उठाया। उन्होंने इरावान को छ: किलो भार से हराया जिन्हें रजत मिला। कजाखिस्तान के फर्कहाद खार्की तथा जापान के योइची इतोकाजू ने कांस्य जीता।
 
ऑस्कर ने स्वर्ण जीतते ही घुटनों पर बैठकर आंसू बहाए और कुछ समय चुप रहने के बाद अपने जूते उतारकर मंच पर रख दिए और संकेत दिया कि वे अब रिटायर हो रहे हैं। इस दौरान वे लगातार रोते रहे। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मैंने जब शुरुआत की थी उसके बाद से 22 वर्ष हो चुके हैं और अब मैंने अपने जूते उतार दिए हैं। (वार्ता)



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