biodatamaker
✕

क्यों हुआ माता सीता का हरण? श्रीराम को मिला था शाप

Updated: रविवार, 23 जुलाई 2017 (15:55 IST)
सनातन धर्म की महानता यही है कि यहां स्वयं ईश्वर अपने भक्तों का मान रखने के लिए उनके दिए श्राप को भी शिरोधार्य करते हैं। नारद मुनि ने लक्ष्मी जी स्वयंवर में स्वयं को वानर बनाने से क्षुब्ध होकर भगवान विष्णु को स्त्री वियोग का श्राप दिया था जिसे स्वीकार कर भगवान ने रामावतार में सीता हरण करवाया।

ALSO READ: जब देवी सीता को उठाने पड़े हथियार...
 
लक्ष्मी जी के स्वयंवर में नारद जी ने भगवान विष्णु से कहा कि मुझे हरि की तरह बना दीजिए, भगवान विष्णु विनोद कर बैठे और उनका मुख बंदर का बना दिया। क्योंकि हरि का एक अर्थ वानर भी होता है। स्वयंवर में नारद जी हंसी के पात्र बन गए इससे वे कुपित हो गए और विष्णु जी को स्त्री वियोग का शाप दे दिया। त्रेता युग में जब विष्णु जी ने रामावतार लिया तो इसी शाप को स्वीकार कर माता सीता का हरण करवाया और पत्नी वियोग में परेशान हुए। वहीं कृष्णावतार में गांधारी के दिए श्राप को शिरोधार्य कर अपने यादव वंश का नाश किया।

ALSO READ: रावण की मौत का असली पौराणिक कारण, पढ़ें कथा
 
 
-ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।.... और पढ़ें
Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

शारदीय नवरात्रि 2026: मां कालरात्रि की पूजा विधि, मंत्र, आरती और पौराणिक कथा जानें

विजयादशमी का महाउपाय: 100 रुपए की इस एक दिव्य वस्तु से चमक जाएगी आपकी किस्मत

शारदीय नवरात्रि: व्रत पारण की तिथियाँ एवं सही नियम

दशहरा 2026: शस्त्र पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? जानें सही विधि और धार्मिक महत्व

विजयादशमी 2026: दशहरा पर दशहरी देने की परंपरा क्या है, जानिए इसका धार्मिक और सामाजिक महत्व

अगला लेख