चार धाम यात्रा 2026 रजिस्ट्रेशन जरूरी, यहां देखें स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
चार धाम यात्रा 2026 में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। उत्तराखंड सरकार और पर्यटन विभाग द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा दी जाएगी, जहां यात्रियों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पहचान पत्र और यात्रा तिथि दर्ज करनी होगी। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद यात्रियों को ई-पास जारी किया जाएगा, जिसे यात्रा के दौरान दिखाना जरूरी होगा। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून जैसे प्रमुख केंद्रों पर भी उपलब्ध रहेगी। प्रशासन का कहना है कि सीमित स्लॉट और बढ़ती भीड़ को देखते हुए श्रद्धालु पहले से पंजीकरण कर लें, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
1. चार धाम यात्रा 2026 कब शुरू होगी?
2026 की चार धाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो सकती है जब यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलते हैं, इसके बाद केदारनाथ व बद्रीनाथ भी क्रमशः खुलेंगे।
2. रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है
चार धाम यात्रा के लिए हर श्रद्धालु का रजिस्ट्रेशन (e-pass) करना जरूरी है। बिना वैध रजिस्ट्रेशन के यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी।
3. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें
आधिकारिक Char Dham Yatra पोर्टल या उत्तराखंड टूरिज्म की वेबसाइट पर जाएँ।
मोबाइल नंबर से OTP वेरिफिकेशन करें।
यात्रा की तारीख, धामों का चयन और व्यक्तिगत जानकारी (ID, फोटो आदि) भरें।
सफल रजिस्ट्रेशन के बाद आपको QR-code yatra e-pass मिलेगा, जिसे यात्रा में दिखाना होगा।
4. मोबाइल ऐप और व्हाट्सऐप से भी रजिस्ट्रेशन
'Tourist Care Uttarakhand' ऐप से रजिस्ट्रेशन आसान हो जाता है। या इनके अधिकृत व्हाट्सऐप नंबर पर 'Yatra' भेजकर भी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
5. ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन भी उपलब्ध
अगर ऑनलाइन नहीं कर पाते तो हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून आदि रजिस्ट्री केंद्रों पर जाकर भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज
- वैध पहचान पत्र (आधार, पैन, पासपोर्ट आदि)
- हाल की फोटो
- चिकित्सा प्रमाण पत्र (अगर मांगा जाए)
टिप: यात्रा सीज़न में भीड़ और सीमित स्लॉट के कारण रजिस्ट्रेशन पहले से कर लेना बेहतर है।