दुनिया के 21 खास धर्म स्थल

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
*द टेंपल ऑफ हेवन (स्वर्ग का मंदिर, बीजिंग : चीन)
चीन का यह मंदिर विश्व प्रसिद्ध है। इसे ताओ धर्म का प्राचीन मंदिर कहते हैं। ताओ धर्म से ही संबंधित है। 'द टेंपल ऑफ हेवन' का निर्माण 13वीं शताब्दी में किया गया था।  
*इहाइ-जी (Eiheiji) मंदिर (योशिदागन, फुकुई, जापान)
जेन (zen) का विकास चीन में बौद्ध धर्म की एक शाखा के रूप में लगभग 500 ईस्वी में हुआ। चीन से यह 1200 ईस्वी में जापान पहुंचा। 1244 में जेन मास्टर डोगेन ज़ेंजी ने यह मंदिर बनवाया था।
 
*यहूदी दीवार (यरूशलम, इसलाइल)
यह तीन धर्मों (यहूदी, और इस्लाम) का तीर्थ स्थल है। यहां किलेनुमा चारदीवारी से घिरे पवित्र परिसर में यहूदी प्रार्थना करते हैं। यह दीवार बहुत ही प्राचीन और भव्य है। यहीं पर अल अक्सा मस्जिद है। यहीं से पैगंबर साहब ह. मुहम्मद मेराज के लिए गए थे। 
 
*आतिश बेहराम (खाजेह पर्वत, हमुन झील, सिस्तान प्रांत, ईरान)
ईरान में पहले परसी ही रहते थे। इस्लामिक आक्रमण के बाद यहां के लोगों ने इस्लाम अपना लिया जिन्होंने नहीं अपनाया वे अपना मुल्क छोड़कर चले गए। पारसी धर्म का यहां सबसे पवित्र मंदिर है जो अब खंडर हो चुका है। जरथुष्ट्र ने पारसी धर्म की स्थापना की थी।    
 
*बेथलेहम (फिलिस्तीन, इसराइल)
यह स्थान इसराइल की राजधानी यरुशलम से लगभग 10 किलोमीटर दूर दक्षिण में फिलिस्तीन इलाके में है जहां ईसा मसीह का जन्म 6 ई.पू. नाजारेथ के एक यहूदी बढ़ई के यहां हुआ था। आज इसे चर्च ऑफ नेटिविटी कहा जाता है।
 
*वेटिकन सिटी (रोम, इटली)
रोमन कैथोलिक ईसाइयों के लिए वेटिकन सिटी सबसे महत्वपूर्ण है। यह इटली के अंदर रोम की टाइबर नदी के पश्चिमी किनारे पर 108 एकड़ में फैला हुआ एक स्वतंत्र राष्ट्र है।
 
*पवित्र काबा (मक्का, सऊदी अरब)
पवित्र काबा सऊदी अरब के हेजाज प्रांत की राजधानी मक्का में स्थित है। मक्का शहर वार्षिक हज तीर्थयात्रा, जो इस्लाम के 5 स्तंभों में एक है, के लिए प्रसिद्ध है। पैगंबर हजरत इब्राहीम ने मक्का में काबा को सबसे पहले पवित्र जगह बनाया था।  
 
*पैगंबर मस्जिद (मदीना, सऊदी अरब)
इस्लाम धर्म के पवित्रतम स्थलों में दूसरा मदीना है। मदीना का पूरा नाम मदीना रसूल अल्लाह है जिसका अर्थ होता है- अल्लाह के दूत की नगरी। यह पश्चिमी सऊदी अरब के हिजाज क्षेत्र में स्थित है। इस नगर को पहले 'यथरीब' कहा जाता था।
 
*नानकाना साहिब (तलवंडी रायभोय, लाहौर, पंजाब, पाकिस्तान)
गुरु नानकदेव सिखों के प्रथम गुरु थे। उनका जन्म 15 अप्रैल 1469 ई. (1526 विक्रमी संवत्‌) वैशाख सुदी 3 में तलवंडी रायभोय नामक स्थान पर हुआ। तलवंडी अब 'ननकाना साहिब' के नाम से जाना जाता है, जो पाकिस्तान के लाहौर जिले से 30 मील दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।
 
*स्वर्ण मंदिर, अमृतसर (हरमंदिर साहिब, पंजाब, भारत)
इस मंदिर पर स्वर्ण की परत के कारण इसे स्वर्ण मंदिर कहते हैं। जिस तालाब के किनारे चौथे गुरु रामदास ने डेरा उसी के पास पांचवें गुरु अर्जुन देवजी ने 1588 में मंदिर की नींव रखी। स्वर्ण मंदिर को कई बार नष्ट किया गया लेकिन इसे दोबारा बना दिया गया।


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