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बुंदेलखंड का केदारनाथ है छतरपुर जिले का जटाशंकर धाम

बुधवार,अक्टूबर 16, 2019
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पुरी के विश्वप्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर के चमत्कारों से सभी सुपरिचित हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस मंदिर पर कई बड़े हमले हुए हैं। हर हमले के बाद मंदिर और मंदिर के चमत्कारों पर कोई असर नहीं हुआ है।
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भारत रहस्यों से भरा देश है। हजारों ऐसे रहस्य हैं जिन्हें अब तक नहीं सुलझा पाए हैं। उन्हीं रहस्यों में से एक है देवी उग्रतारा का एक मंदिर और मंदिर में रखी चतुर्भुजी देवी की प्रतीमा पर खुदा हुआ कोई रहस्य। कहते हैं कि यह मूर्ति लगभग एक हजार वर्ष से भी ...
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मध्‍यप्रदेश की हृदयस्‍थली पुण्‍य सलिला मां नर्मदा के तट होशंगाबाद से सीहोर जिला सटा है। सीहोर जिले की बुदनी तहसील से 25 किलोमीटर और होशंगाबाद से 35 किलोमीटर दूरी पर विंध्‍याचल की हसीन वादियों
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पाकिस्तान के कब्जे वाले बलूचिस्तान क्षेत्र में स्थित मां हिंगलाज मंदिर में हिंगलाज शक्तिपीठ की प्रतिरूप देवी की प्राचीन दर्शनीय प्रतिमा विराजमान हैं।
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भगवान शिव के सभी मंदिरों में उनके शिवलिंग की पूजा होती है लेकिन यहां भगवान शिव के अंगूठे की पूजा होती है। भगवान शिव के अंगूठे के निशान मंदिर में आज भी देखे जा सकते हैं।
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सनातन धर्म में भगवान गणेशजी को प्रथम पूज्य माना गया है। गणेशजी के जन्म के बारे में अनेक कथाएं प्रचलित हैं। भगवान शिव ने क्रोधवश गणेशजी का सिर धड़ से अलग कर दिया था, बाद में माता पार्वतीजी के कहने पर उन्होंने हाथी का मस्तक लगाया, लेकिन गणेशजी का जो ...
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इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है यहां का विशाल शिवलिंग, अपने-आप में अनूठे और विशाल आकार वाले इस शिवलिंग के कारण भोजेश्वर मंदिर को उत्तर भारत का सोमनाथ भी कहा जाता है। चिकने लाल बलुआ पाषाण के बने इस शिवलिंग को एक ही पत्थर से बनाया गया है और यह विश्व ...
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हिन्दू धर्म में बहुत से जीवों की देव स्वरूप में पूजा की जाती है। नाग भी ऐसा एक जीव है। पुराणों में नागों को लेकर कई कथाएं मिलती हैं और समाज में नागों को लेकर कई मान्यताएं भी प्रचलित हैं। पुराणों में तो नागलोक, नागकन्या, नाग जाति आदि का उल्लेख मिलता ...
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सरकार द्वारा हज यात्रा पर वर्षों से दी जाने वाली सब्सिडी खत्म करने को लेकर देश में स्वाभाविक ही दो राय बन गई है। एक राय है कि यह कदम उचित है। किसी समुदाय के व्यक्तियों के धार्मिक कर्मकांड पर सरकार धन क्यों खर्च करे। इसके समानांतर दूसरा तर्क यह है कि ...
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मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिला मुख्‍यालय से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है बीजा नगरी और यहां पर स्थित है शक्ति स्वरूपा मां हरसिद्धि का चमत्कारी मंदिर। यूं तो सालभर अपनी मनोकामनाएं लेकर श्रद्धालु यहां आते हैं, लेकिन नवरात्रि के दौरान तो यहां आस्था का ...
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मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले में स्थित नलखेड़ा में गोबर के गणेश की प्रतिमा सैकड़ों वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र है। एसी मान्यता है कि गोबर के यह गणेश अपने किसी भी भक्त को निराश नहीं करते।
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मुंबई में गणेशोत्सव के पवित्र दिनों में सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं लाल बाग के राजा। यह दक्षिण मुंबई में स्थित सबसे प्रसिद्ध गणेश मंडल में से एक हैं। इस साल, वे गणेश उत्सव का 84वां साल मना रहे हैं।
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बागली (देवास)। पांच याज्ञिक वृक्षों के मध्य स्थित जटाशंकर तीर्थ अनादिकाल से ही अपने दिव्य स्वरूप, अलौकिकता, शांति और महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विख्यात रहा है। त्रेता युग में जटायु की तपोभूमि रहे इस स्थल पर अब तक कई संत-महात्माओं ने ...
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समूचा हिमालय शिव शंकर का स्थान है और उनके सभी स्थानों पर पहुंचना बहुत ही कठिन होता है। चाहे वह अमरनाथ हो, केदानाथ हो या कैलाश मानसरोवर। इसी क्रम में एक और स्थान है श्रीखंड महादेव का स्थान। अमरनाथ यात्रा में जहां लोगों को करीब 14000 फीट की चढ़ाई करनी ...
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ऐसी अविश्वसनीय घटना पर पहले मुझे भी विश्वास नहीं हो रहा था, लेकिन जब मौके पर पहुंचकर इस मंदिर की सच्चाई वहां पर मौजूद लोगों के मुंह से सुनी तो एक बार मुझे भी यकीन हो गया। आइए हम आपको बताते हैं कौन है वह भक्त जो अपने आराध्य की पूजा करने सबसे पहले ...
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सिद्धों की वज्रयान शाखा में ही चौरासी सिद्धों की परंपरा की शुरुआत हुई। राहुल सांस्कृतयान के अनुसार तिब्बत के सिद्धों की परंपरा 'सरहपा' से हुई और 'नरोपा' पर पूरी हुई मानी जाती है।
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ये जन्मभूमियां हैं खास

गुरुवार,अप्रैल 13, 2017
इस बार हम दिव्य दर्शन में आपके लिए लाए हैं दुनिया के प्रमुख धर्मों के अवतार, प्रॉफेट या संस्थापकों के जन्म स्थान की संक्षिप्त जानकारी।
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इस बार दिव्य दर्शन में हम आपके लिए लाए हैं दुनिया के खास 21 ऐसे तीर्थ स्थल जो जुड़े के दुनिया के 8 बड़े धर्मों से आपको इनके बारे में जरूर जानना चाहिए।
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पाकिस्तान में हजारों ऐतिहासिक मंदिर थे। कभी पाकिस्तान की भूमि आर्यों की प्राचीन भूमि हुआ करती थी। सिंधु नदी का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा पाकिस्तान में ही बहता है। सिंधु, सरस्वती और गंगा नदी के किनारे ही भारतीय संस्कृति और सभ्यता का उत्थान और विकास हुआ। ...
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कानपुर। चैत्र नवरात्रि की शुरुआत मंगलवार से हो गई। सभी देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। चारों तरफ मातारानी के जय-जयकारे लग रहे थे, तो वहीं उत्तरप्रदेश के कानपुर में शिवला स्थित ऐतिहासिक तपेश्वरी मंदिर पर भक्तों ने 4 देवियों ...
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उत्तराखंड को देवभूमि यूं ही नहीं कहा गया। यहां के तमाम प्राचीन मंदिर, गंगा-यमुना जैसी जीवनदायिनी नदियों का उद्गम और 4 धामों को पूजने तो लोग आते ही हैं, साथ ही यहां के अद्भुत मंदिरों से लोगों की श्रद्धा भी जुड़ी है।
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उत्तरप्रदेश के कानपुर में एक ऐसा मंदिर है, जहां पर जाकर आपके बिगड़े काम बन जाते हैं। यह मंदिर सैकड़ों साल से अपने भक्तों की मन्नतों को पूरा कर रहा है। इस मंदिर की खास बात यह है कि इस मंदिर में दुनियाभर से लोग आते हैं अपने कष्ट का निवारण करने के लिए ...
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भारतीय प्रदेश मध्यप्रदेश के मध्य स्थित इंदौर जिले से लगभ 75 कीलोमीटर दूर देवास जिले के अंतर्गत बागली तहसील के उदयपुरा गांव के पास सीता वाटिका से लगभग 10 किमी उत्तर में वनप्रदेश के रास्ते पोटलागांव से 1 किमी की दूरी पर कावड़िया पहाड़ है। इस रहस्यमयी ...
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मान्यता है कि यहीं लखनऊ कथक घराने के धुरंधरों ने अपने पैरों में घुंघरू बांध कथक शिक्षा का ककहरा सीखा। यह साधना का केन्द्र है। भादौ के आखिरी रविवार को घुंघरू वाली रात कहा जाता है, क्योंकि इसी दिन बटुक भैरव से आशीर्वाद लेकर साधना प्रारम्भ की जाती है।
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उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन के कालीघाट स्थित कालिका माता के प्राचीन मंदिर को गढ़ कालिका के नाम से जाना जाता है। देवियों में कालिका को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। गढ़ कालिका के मंदिर में मां कालिका के दर्शन के लिए रोज हजारों भक्तों की भीड़ जुटती
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देवास में हैं श्रीगुरु योगेंद्र शीलनाथ बाबा का अखंड धूना और ज्योत। आज भी रखी है उनकी खड़ाऊ और पलंग। 100 वर्ष से ज्यादा बीत गए, लेकिन आज भी शयनकक्ष के नीचे बना तलघर और बावड़ी में स्थित वह गुफा वैसी की वैसी है। मल्हार धूनी एक तपोभूमि है, जहाँ बाबा के ...
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माना जाता है कि भगवान विष्णु जब चारों धामों पर बसे अपने धामों की यात्रा पर जाते हैं तो हिमालय की ऊंची चोटियों पर बने अपने धाम बद्रीनाथ में स्नान करते हैं। पश्चिम में गुजरात के द्वारिका में वस्त्र पहनते हैं। पुरी में भोजन करते हैं और दक्षिण में ...
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पूर्वी यूरोप और एशिया के मध्य में बसा हुआ अजरबैजान एक मुस्लिम देश हैं। लेकिन, आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे की अजरबैजान के सुराखानी में स्थित मां दुर्गा का 300 साल पुराना प्राचीन मंदिर है जहां सैंकड़ों साल से देवी माँ की अखंड ज्योत जल रही है। इस मंदिर ...
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राज्य सरकार के आंकड़ों के हवाले से केंद्र सरकार के गृहराज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने संसद में एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत के कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों के अब केवल 808 परिवार रह रहे हैं तथा उनके 59442 पंजीकृत प्रवासी परिवार घाटी के बाहर रह ...
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माता सती के 51 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ पाकिस्तान के कब्जे वाले बलूचिस्तान में स्थित है। इस शक्तिपीठ की देखरेख मुस्लिम करते हैं और वे इसे चमत्कारिक स्थान मानते हैं। इस मंदिर का नाम है माता हिंगलाज का मंदिर।
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यह अनोखा मंदिर हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में स्थित है और इसे बिजली महादेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। कुल्लू शहर में ब्यास और पार्वती नदी के संगम स्थल के नजदीक एक पहाड़ पर शिव का यह प्राचीन मंदिर स्थित है।
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माता सती के 51 शक्तिपीठों में से एक ज्वालादेवी का मंदिर भारतीय राज्य हिमाचल के कांगड़ा घाटी में स्थित है। यहां माता की जीभ गिरी थी। इसीलिए इसका नाम ज्वालादेवी मंदिर है। हालांकि इस मंदिर की एक और कथा है जो इंद्र की पत्नी शचि से जुड़ी है।
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