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वैशाख माह की अमावस्या को क्यों कहते हैं सतुवाई अमावस्या

सतुआ अमावस्या का धार्मिक और मौसमी महत्व जानें

Written By WD Feature Desk
Updated: शनिवार, 26 अप्रैल 2025 (16:50 IST)
Significance of Satuwai Amavasya: वर्ष 2025 में 27 अप्रैल, रविवार को वैशाख या सतुवाई अमावस्या मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यतानुसार वैशाख माह की अमावस्या को सतुवाई अमावस्या कहने के पीछे मुख्य कारण इस दिन सत्तू का विशेष महत्व होना है। इस दिन सत्तू का दान करना और उसका सेवन करना बहुत शुभ माना जाता है।ALSO READ: वैशाख अमावस्या के मुहूर्त, महत्व और उपाय
 
यह तिथि सतुवाई अमावस्या इसीलिए कहलाती हैं, क्योंकि 'सतुआ' शब्द का अर्थ भुने हुए चने या जौ से बने 'सतुआ' यानी सत्तू से होता है। और गर्मी के मौसम में यह सत्तू शरीर को ठंडक और ऊर्जा देता है। यह पचने में आसान होता है।
 
इसके अतिरिक्त कुछ अन्य संभावित कारण भी हो सकते हैं: जैसे कि...
 
* मौसम: वैशाख माह में गर्मी की शुरुआत होती है और सत्तू शरीर को ठंडक प्रदान करता है। इसलिए इस समय सत्तू का महत्व बढ़ जाता है। अमावस्या के दिन दान का विशेष महत्व होने के कारण सत्तू का दान इस दिन विशेष रूप से किया जाता है, जिससे इसे सतुवाई अमावस्या कहा जाने लगता है।ALSO READ: हिन्दू मास वैशाख माह के व्रत त्योहारों की लिस्ट
 
* परंपरा: कुछ क्षेत्रों में इस अमावस्या से जुड़ी विशेष परंपराएं हो सकती हैं, जिनमें सत्तू का उपयोग प्रमुखता से किया जाता हो। लेकिन आपको बता दें कि सतुवाई अमावस्या नाम मुख्य रूप से कुछ क्षेत्रों में ही प्रचलित है और अधिकांश स्थानों पर इसे वैशाख अमावस्या या दर्श अमावस्या के नाम से ही जाना जाता है। इसे कई जगहों पर सतुआ अमावस्या भी कहा जाता है।
 
बढ़ती गर्मी के इस मौसम में लोग इस दिन से सत्तू, कच्चे आम का पना और ठंडी चीज़ें खाना शुरू करते हैं। इतना ही नहीं इसके धार्मिक महत्व को देखें तो सतुवाई अमावस्या के दिन पितरों के तर्पण, दान-पुण्य और गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। और इस तिथि पर सत्तू, चना, जल, ककड़ी, आदि का दान करना पुण्यदायी माना जाता है।
 
इस तरह वैशाख अमावस्या को सतुवाई अमावस्या कहने का मुख्य कारण इस दिन सत्तू के दान और सेवन का विशेष महत्व होना है, खासकर गर्मी के मौसम को देखते हुए इसका महत्व और बढ़ जाता है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: वैशाख मास का महत्व और इस माह के अचूक 5 उपाय

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