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बड़ा महादेव पूजन 2 जून को है, भक्त त्रिशूल चढ़ाकर प्रसन्न करेंगे भोलेनाथ को

Updated: बुधवार, 19 जून 2024 (16:38 IST)
मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में स्थित पचमढ़ी के चौरागढ़ में स्थित है बड़ा महादेव का मंदिर। हर वर्ष ज्येष्ठ माह की द्वादश प्रदोष को पचमढ़ी में बड़ा महादेव पूजन दिवस मनाया जाता है। इस दिन महादेव की विशेष पूजा की जाती है। अंग्रेंजी कैलेंडर के अनुसार 2 जून 2023 को बड़ा महादेव पूजन होगा। भक्त त्रिशूल चढ़ाकर प्रसन्न करेंगे भोलेनाथ को 
 
1. मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में स्थित पचमढ़ी के चौरागढ़ में स्थित है बड़ा महादेव का मंदिर। 
 
2. कहते हैं कि यहीं  पर भगवान शंकर ने भस्मासुर को वरदान दिया था और यहीं पर उनको विष्णुजी से मदद लेना पड़ी थी।
 
3. तिलक सिंदूर से बड़ा महादेव तक गुफा में शिव और भस्मासुर के बीच भागमभाग चली थी। यहीं भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप लेकर भस्मासुर को भस्म कर दिया था।
 
4. पचमढ़ी शहर के लगभग 12 किलोमीटर दूर चौरागढ़ पहाड़ी स्थित है। सतपुड़ा पर्वत की मालाओं के बीच स्थित है यह पहाड़ी। चौराबाबा के नाम पर रखा गया पहाड़ी का नाम।

5. पहाड़ी पर मंदिर में पहुंचने के लिए पहले को कई पथरीले रास्ते तय करना होते हैं तब जाकर 365 सीढ़ियां चढ़ने के बाद महादेव के दर्शन होते हैं।
 
6. महादेव यात्रा के दौरान यहां पर अपना त्रिशूल छोड़कर चले गए थे। तभी से मन्नत पूर्ण होने पर यहां पर त्रिशूल छोड़ने की परंपरा बन गई है। 
 
7. संत भूरा महाराज की एक प्रतिमा चौरागढ़ में भगवान भोलेनाथ के ठीक सामने स्थापित की गई है। दूर-दूर से लोग चौरागढ़ पचमढ़ी में महादेव की पूजा करने आते हैं। यह कहावत है कि महादेव दर्शन हेतु जाने से पहले, भूर भगत (छिंदवाड़ा) को पार करना आवश्यक है। किवदंतियों के अनुसार चौरागढ़ की पहाड़ियों में साधना के दौरान भूरा भगत महराज को महादेवजी ने दर्शन दिए थे।
 
शिवजी से उन्होंने वरदान मांगा कि मैं आपके ही चरणों में रहूं और यहां आने वाले को आपका मार्ग बता सकूं। भूरा भगत महाज एक शिला के रूप में वहां मौजूद हैं। संत भूरा भगत की प्रतिमा ऐसे स्थान पर विराजमान है जिसे देखने से अनुमान लगता है मानों भगवान भोलेनाथ के मुख्यद्वार पर द्वारपाल की तरह वे बैठे हों। उसी के कारण यहां भी मेला भरता है। भक्त यहां गुलाल, सिंदूर, कपूर, खारक, सुपारी और बड़े त्रिशूल चढ़ाते हैं। यही है बड़ा महादेव का बड़ा महत्व.... 

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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