Hanuman Chalisa
✕

श्रीराधा की अष्टसखियों में से एक रंगदेवी श्रीकृष्ण को छुपाने में थीं माहिर

Updated: शुक्रवार, 18 सितम्बर 2026 (11:38 IST)
Name of Shri Radha
पौराणिक ग्रंथों के अनुसार श्रीजी राधारानी की 8 सखियां थीं। अष्टसखियों के नाम हैं- 1. ललिता, 2. विशाखा, 3. चित्रा, 4. इंदुलेखा, 5. चंपकलता, 6. रंगदेवी, 7. तुंगविद्या और 8. सुदेवी। राधारानी की इन आठ सखियों को ही "अष्टसखी" कहा जाता है। श्रीधाम वृंदावन में इन अष्टसखियों का मंदिर भी स्थित है। आओ इस बार जानते हैं रंगदेवी के बारे में संक्षिप्त जानकारी।
 
1. श्री राधारानी की अष्टसखियों में से एक रंगदेवी हैं जो सातवें नंबर पर आती है। पुराणों में इनका एक नाम श्यामला भी कहा गया है। यह राधाजी से सात दिन छोटी हैं। माता का नाम करुणादेवी और रंगासारगर इनके पिता का नाम है। 
 
2. वृन्दावन की वायव्य दिशा में इनका निवास स्थान बताया गया है। बरसाना के निकट इनका गांव है। 
 
3. राधाकुंड के तट पर अष्टकुंज है उनमें से इनके कुंज का नाम मनोहर कुंज है, जहां के पशु, पक्षी, लताएं, वृक्ष आदि सभी श्यामरंग के हैं। यह सखी श्रीकृष्ण को इस वन में छुपाने में माहिर थीं। जब श्रीराधा किसी कुंज में अकेली होती थीं तब यह सखी संकेतों से श्रीकृष्‍ण को उस कुंज में भेज देती थीं।
 
4. यह सखी बड़ी ही कोमल और सुंदर हैं। ये जपापुष्प सदृश वस्त्र धारण करती हैं। इनके अंग पद्मराग के समान हैं और ये जवाकुसुम रंग की साड़ी पहनती हैं। यह सखी सभी कलाओं में निपुण हैं। इनकी सभी त्योहारों में आस्था है।
 
5. ये नित्य श्रीराधा के हाथों और चरणों में अत्यन्त सुंदर महावर (जावक) लगाती हैं और राधाजी के साथ हास-परिहास करती हैं। सखी रंगदेवी राधारानी की आंखों में काजल लगाती और उनका श्रृंगार करती थी। यह सखी सुगंध की ज्ञाता हैं। यह दोनों को चंदन और रंग चढ़ाती है। रंग देने वाली होने के कारण इनका नाम रंगदेवी पड़ा।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 08 अक्‍टूबर 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

Karwa Chauth: करवा चौथ का व्रत कब रखा जाएगा? जानें पूजा की विधि, शुभ मुहूर्त और चन्द्रोदय का समय

गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में गोचर, 12 राशियों पर पड़ेगा असर; जानें किसके लिए शुभ रहेगा समय

सर्वपितृ अमावस्या (पितृ पक्ष 2026): भूलकर भी न करें ये 10 कार्य, रुष्ट हो सकते हैं पितर

Sharad Purnima: कब है शरद पूर्णिमा? इस दिन किसकी होती है पूजा? चंद्रमा की रोशनी में क्‍यों रखते हैं खीर?