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होली की रात करें ये 5 चमत्कारिक उपाय, मिलेगा जीवन में यश, धन, सम्मान सबकुछ

सोमवार,फ़रवरी 24, 2020
Holi 2020 Remedies
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फुलैरा दूज से गुलरियां बनाकर सुखाई जाती है, मध्यप्रदेश निमाड़ अंचल में इस बड़बुले कहते हैं। जिनमें गोबर से कई प्रकार की आकृतियां बनाकर माला बनाई जाती है। दो दीयों को मिलाकर उसमें कंकड़ डाल कर नारियल बनाया जाता है। उसी तरह पान, बरफी, मठरी, लड्डू सब ...
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धन संबंधित मामलों के लिए सप्ताह बहुत अच्छा रहेगा। शेयर मार्केट से जुड़े लोगों को धनलाभ के संकेत मिल रहे हैं। प्रेम संबंध मजबूत होंगे।
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ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से मुहूर्तों का विशेष महत्व होता है। आपके लिए यहां प्रस्तुत हैं सप्ताह के 7 दिन 24 फरवरी से 1 मार्च 2020 तक के विशिष्ट मुहूर्त
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भारत के एक महान संत एवं विचारक रहे स्वामी रामकृष्ण परमहंस का जन्म तारीख के अनुसार उनका जन्म 18 फरवरी 1836 को बंगाल के एक प्रांत कामारपुकुर गांव में हुआ था।
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फुलेरा दूज एक शुभ पर्व है, जिसे उत्तर भारत के लगभग सभी क्षेत्रों में बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया जाता है।यह त्योहार भगवान कृष्ण को समर्पित है।
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होली का रंगबिरंगा सजीला पर्व इस साल 9 और 10 मार्च 2020 को है। आइए जानते हैं रंगों से जुड़ी खास रोचक बातें...रंगों की पसंद से जान सकते हैं अपनी गर्लफ्रेंड को...
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आइए जानते हैं, वर्ष 2020 में कब मनाई जाएगी होली और किस दिन होगा होलिका दहन और क्या हैं शुभ मुहूर्त
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इस वर्ष 9 मार्च 2020, सोमवार को होलिका दहन किया जाएगा तथा 10 मार्च 2020, मंगलवार को रंगबिरंगा त्योहार होली हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। आइ ए जानते हैं 9 मार्च 2020 को कब दहन करें होली....
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शबरी श्री राम की परम भक्त थीं। जिन्होंने राम को अपने झूठे बेर खिलाए थे। शबरी का असली नाम श्रमणा था। वह भील समुदाय के शबर जाति से संबंध रखती थीं। इसी कारण कालांतर में उनका नाम शबरी पड़ा।
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प्राचीनकाल में राजा-महाराजाओं द्वारा अपने महल, वस्त्रों, विभिन्न कक्षों, मुख्य द्वार आदि पर अलग-अलग अवसरों के अनुरूप इत्र एवं सुगंधित तेलों के प्रयोग का वर्णन मिलता है। इसमें कोई संदेह नहीं कि किसी खुशबू विशेष का प्रयोग कर आप अपने आसपास के वातावरण ...
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इस बार फाल्गुन कृष्ण अमावस्या 23 फरवरी 2020, रविवार को मनाई जा रही है। इस दिन का भारतीय जनजीवन में अत्यधिक महत्व हैं।
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फाल्गुन मास चंद्र देव की आराधना के लिए सबसे सही और उपयुक्त समय होता है, क्योंकि यह चंद्रमा का जन्म माह माना जाता है।
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प्राचीनकाल से ही लोग खाना खाने के बाद मीठा जरूर खाते हैं। हिन्दू शास्त्र और आयुरर्वेद में भी इसका उल्लेख मिलता है। मीठा खाने के संबंध में तो आपको पता ही होगा लेकिन बहुत कम लोग नहीं जानते होंगे कि खाने के पहले तीखा या कहें कि चरका क्यों खाते हैं। आओ ...
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संत गाडगे बाबा ने मानवता की भलाई के लिए कई संदेश दिए हैं। यहां पाठकों के लिए प्रस्त‍ुत हैं उनका दशसूत्री संदेश, जो हमें ईश्वर के करीब ले जाने की एक कड़ी है, आइए जानें
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राष्ट्रसंत गाडगे बाबा सच्चे निष्काम कर्मयोगी थे। उनका बचपन का नाम डेबूजी झिंगराजी जानोरकर था। गाडगे बाबा का जन्म 23 फरवरी 1876 को महाराष्ट्र
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महाशिवरात्रि और बाद में हर मासिक शिवरात्रि को सूर्यास्‍त के समय अपने घर में बैठकर अपने गुरुदेव का स्मरण करके शिवजी का स्मरण करते समय ये 17 मंत्र बोलें। 'जो शिव है वो गुरु है, जो गुरु है वो शिव है' इसलिए हम गुरुदेव का स्मरण करते हैं।
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यूं तो साल के 12 महीनों में 12 अमावस्याएं आती हैं, लेकिन उनमें से कुछ श्राद्ध कर्म, पितृ-तर्पण आदि कार्यों के लिए बहुत खास मानी जाती हैं। फाल्गुन अमावस्या उन्ही में से एक है।
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फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। इस वर्ष यह पर्व 21 फरवरी, शुक्रवार यानी आज है। आइए जानते हैं, राशि के अनुसार भगवान शिव को कैसे मनाएं अपने लिए.. .
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21 फरवरी की शाम 5:20 मिनट पर चतुर्दशी तिथि शुरू होगी। जो 22 फरवरी को शाम 7 बजकर 2 मिनट पर समाप्त होगी। रात्रि में पूजन का समय 12 बजकर 9 मिनट से रात्रि एक के बीच रहेगा।
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