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Moon eclipse 2020 : चंद्र ग्रहण के दौरान और बाद में क्या करें, जानें 15 विशेष बातें

शुक्रवार,जून 5, 2020
lunar eclipse 2020
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मनुष्य को शनि की कुदृष्टि से बचने के लिए शनिवार का व्रत करते हुए शनि देवता की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। वैसे तो शनिवार का व्रत कभी भी शुरू किया जा सकता है,
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चंद्र ग्रहण को मंत्रों की सिद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ समय माना गया है। ग्रहण काल में मंत्र जपने के लिए माला की आवश्यकता नहीं होती बल्कि समय का ही महत्व होता है।
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ग्रहण के बाद दान का विशेष महत्व माना जाता है। चंद्रग्रहण के समय सूर्य, चंद्रमा एवं पृथ्वी एक ही क्रम में होते हैं, जिसके कारण चंद्रग्रहण लगता है। ग्रहण के बाद कुछ विशेष वस्तुओं का दान करने से ग्रहण के दुष्प्रभाव दूर होते हैं।
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आभूषणों ने मानव जाति व समाज में अपनी अलग और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चाहे वह सोना-चांदी हो, हीरे हों, रूबी, नीलम, पन्ना, मोती कोई भी रत्न या धातु हों। इनकी चकाचौंध ने हमेशा सभी को आकर्षित किया है। भारतीयों में तो यह प्रतिष्ठा का प्रश्न भी रहता
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सिखों के छठवे गुरु, गुरु हर गोविंद सिंह जी का जन्म बडाली (अमृतसर, भारत) में हुआ था। इस वर्ष 6 जून 2020, शनिवार को श्री गुरु हर गोविंद सिंह महाराज का प्रकाश पर्व मनाया जाएगा।
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सती, सावित्री, सीता एवं अनुसुइया जैसे नारी चरित्र जो हजारों वर्षों से भारतीय समाज के समक्ष आदर्श बने रहे हैं, क्या धर्म-निरपेक्षता के इस युग में आकर नकार दिए जाने चाहिए ? क्या ये पौराणिक युग के नारी चरित्र भारतीय नारियों की कमजोरी के प्रतीक हैं ?
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इन दिनों एक पोस्ट इधर से उधर घूम रही है कि महिलाएं आटा गूंथने के बाद उस पर उंगलियों से निशान क्यों बनाती हैं? इस पोस्ट का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है लेकिन आमजन इसे मानने में कोई बुराई भी नहीं समझ रहे हैं..आइए जानते हैं क्या कहती है यह पोस्ट...
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जब-जब पृथ्वी पर कोई संकट आता है तो भगवान अवतार लेकर उस संकट को दूर करते हैं।भगवान शिव और भगवान विष्णु ने कई बार पृथ्वी पर अवतार लिया है। आज हम भगवान विष्णु के 24 अवतारों के बारे में जानेंगे।
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ग्रहण एक खगोलीय घटना है जिसका ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व होता है। भगवान श्रीकृष्‍ण के 108 नामों का चंद्र ग्रहण के दौरान जाप करने से समस्त विपत्तियों का नाश होता है।
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आइए जानते हैं ग्रहण काल के समय किन बातों को विशेष सावधानी रखना आवश्‍यक है तथा ग्रहण के बाद किन नियमों का पालन जरूरी है।
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रावण-अंगद संवाद: इस संवाद में अंगद ने रावण को बताया है कि कौन-कौन से 14 दुर्गण या बातें आने पर व्यक्ति जीते जी मृतक समान हो जाता है।
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वह पृथ्वी देवी है और अपनी सर्वोच्च शक्ति के माध्यम से हमारी रक्षा करती है। एक बार सत्ययुग के दौरान, उन्हें असुर राजा हिरण्याक्ष ने समुद्र में फेंक दिया था, तब भगवान विष्णु ने 'वराह अवतार' लेकिन उन्हें समु्द्र से निकाला था।
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हिन्दुत्व वैज्ञानिक जीवन पद्धति है। प्रत्येक हिन्दू परम्परा के पीछे कोई न कोई वैज्ञानिक रहस्य छिपा हुआ है। हिन्दू धर्म के संबंध में एक बात दुनिया मानती है कि हिन्दू दर्शन 'जियो और जीने दो' के सिद्धांत पर आधारित है। यह विशेषता किसी अन्य धर्म में नहीं ...
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चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है और यह घटना 5 जून को घटेगी। ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरती जाती है। चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार रात्रि 11 बजकर 16 मिनट से ग्रहण शुरू हो जाएगा और अगली तारीख 6 जून की रात 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा।
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इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा, तिथि 5 जून 2020 की रात में लगेगा। खगोल शास्त्रियों के मतानुसार जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है तो यह ग्रहण लगता है, 5 जून को लगने वाला चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण होगा।
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हिन्दू धर्म के अनुसार हमारा ब्रह्मांड, धरती, जीव, जंतु, प्राणी और मनुष्य सभी का निर्माण आठ तत्वों से हुआ है। इन आठ तत्वों में से पांच तत्व को हम सभी जानते हैं। आओ जानते हैं पांच तत्व क्या है।
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चंद्र ग्रहण 5 जून को लगेगा। भारतीय समयानुसार यह रात 11 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर अगली तारीख 6 जून की रात 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। 12 बजकर 54 मिनट पर पूर्ण चंद्रग्रहण होगा।
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भारतीय धर्म और संस्कृति में हाथी का बहुत ही महत्व है। हाथी को पूज्जनीय माना गया है। हिन्दू धर्म में अश्विन मास की पूर्णिमा के दिन गजपूजाविधि व्रत रखा जाता है। इसके अलावा गजेंद्र मोक्ष कथा का वर्णन भी मिलता है। आओ जानते हैं हाथी के संबंध में 5 ...
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वट सावित्री पूर्णिमा का पर्व खासकर पश्चिम भारत के गुजरात और महाराष्ट्र राज्य में ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। स्कंद एवं भविष्य पुराण के अनुसार वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को किया जाता है।
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