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नवग्रहों को पहचानें रोचक अंदाज में, पढ़ें 9 ग्रहों पर सरल पौराणिक जानकारी

रविवार,मई 2, 2021
Navgrah
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भगवान गणेश को अतिप्रिय है बुधवार का दिन। शीघ्र फलदायी होती है बुधवार की गणेश पूजा। शास्त्रों में भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता अर्थात सभी तरह की परेशानियों को खत्म करने वाला बताया गया है।
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गौमती चक्र समृद्धि, खुशी, अच्छा स्वास्थ्य, धन, मन की शांति और बुरे प्रभावों से बचाता है। रोग के इलाज़ में सहायता, अधिक चेतना, बेहतर भक्ति, समाज में प्रतिष्ठा, वित्तीय विकास, एकाग्रता, व्यापार वृद्धि और पूजा की शक्ति देने में बहुत सहायक है।
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आप भोजन कौन सी दिशा में कर रहे हैं, इसका वास्तु के अनुसार बहुत महत्व है और आपके स्वास्थ्य और शरीर पर भी इसका अनुकूल और प्रतिकूल असर पड़ता है।
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सामान्यत: 'गोत्र' को ऋषि परम्परा से संबंधित माना गया है। ब्राह्मणों के लिए तो 'गोत्र' विशेषरूप से महत्त्वपूर्ण है क्योंकि ब्राह्मण ऋषियों की संतान माने जाते हैं। अत: प्रत्येक ब्राह्मण का संबंध एक ऋषिकुल से होता है।
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ठकों ने अपने जीवन में कभी-न-कभी यह अवश्य अनुभूत किया होगा कि कभी तो यात्रा बड़ी ही सानंद, सुगम व सफलतादायक संपन्न होती है लेकिन कभी यात्रा केवल एक व्यर्थ की भागदौड़ मात्र बनकर रह जाती है और अधिकतर लोग इसे एक संयोग मानकर उपेक्षित कर देते हैं। हमारे ...
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इस मंत्र का जाप ब्रह्मांड में कहीं भी किया जा सकता है, मन और मंत्र की शुद्धता अनिवार्य है। महाशिवरात्रि पर अगर आप मंदिर नहीं जा पा रहे हैं या विधिवत पूजन नहीं कर पा रहे हैं तो मात्र इस मंत्र का पूर्ण एकाग्रता से पाठ करने से मनचाहे वरदान की प्राप्ति ...
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अगर आपकी राशि मेष है तो आप दुनिया के किसी भी कोने में बैठें हो आपको भगवान शिव की तस्वीर पर गुलाल का तिलक लगाना है और 'ॐ ममलेश्वराय नम:' मंत्र का जाप 21 बार करना है।
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गहन अंधेरी कंदरा में प्रवेश करते ही सामने एक विशाल शिवलिंग शक्तिपुंज-सा दृष्टिगोचर होता है। नीचे जलराशि में झिलमिलाते दीप एवं खिले कमल मन मंदिर को उल्लास से भर देते हैं। पुष्पों की सुवास से सुरभित पवन, तांबे के स्वर्ण जड़ित पात्र से लिंग पर टप-टप ...
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विश्व में शिव की सबसे ऊंची मूर्ति नेपाल के चित्तपोल सांगा जिला भक्तापुर में स्थित है। खड़ी मुद्रा में इस मूर्ति का निर्माण कार्य 2004 में शुरू हुआ था
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ज्योतिष में राहु काल को अशुभ माना जाता है। अत: इस काल में शुभ कार्य नहीं किए जाते है। यहां आपके लिए प्रस्तुत है सप्ताह के दिनों पर आधारित राहुकाल का समय, जिसके देखकर आप अपना दैनिक कार्य कर सकते हैं।
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सदियों के देवी सरस्वती की पूजा भारत और नेपाल में होती आ रही है। माघ पंचमी, जिसे वसंत पंचमी भी कहते हैं, उस दिन देवी सरस्वती की आराधना विशेष रूप से की जाती है।
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जापान में देवी सरस्वती का मंदिर ओसाका नामक स्थान पर मंदिर है।
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जल अर्थात् पानी का धन-दौलत से बहुत करीब का संबंध माना गया है। दोनों ही समान गुणधर्मी होते हैं। दोनों की प्रकृति है बहना। यदि कद्र न की जाए, सहेज कर न रखा जाए तो दोनों बह जाते हैं।
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हम जब पूजा करने बैठते हैं तो हमें इस बात का जरा भी ध्यान नहीं रहता है कि हम अनजाने में कौन सी गलतियां कर रहे हैं। वास्तव में हमारा ध्यान सिर्फ भगवान पर ही होता है। आइए ब्रह्मवैवर्तपुराण के अनुसार जानते हैं कि पूजन के दौरान कौन-कौन सी चीजें सीधे जमीन ...
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कहते हैं कि भगवान शिव के कुल 9 संतानें थी। एक पुत्री और 8 पुत्र मिलाकर उनकी 9 संतानों में से दो का उल्लेख कम ही मिलता है। जब हम संतान की बात करते हैं तो उनमें से कुछ गोद ली हुई
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आज हम 'वेबदुनिया' के पाठकों को 'अबूझ' मुहूर्तों के विषय में जानकारी देंगे। इन मुहूर्तों की संख्या प्रतिवर्ष 'साढ़ेतीन' की होती है इसलिए इन्हें लोकाचार की भाषा में 'साढ़ेतीन' मुहूर्त भी कहा जाता है।
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माता सरस्वती को दूध, पंचामृत, दही, मक्खन, सफेद तिल के लड्डू तथा धान का लावा पसंद है।
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अनेक श्लोक, स्तोत्र, जाप द्वारा गणेशजी को मनाया जाता है। इनमें से गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ विशेष कल्याणकारी है। प्रतिदिन प्रात:शुद्ध होकर इस पाठ करने से गणेशजी की कृपा अवश्य प्राप्त होती है।
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सूर्यदेव प्रत्यक्ष देवता हैं जो हमें पोषण देते हैं। ज्योतिष में सूर्यदेव की महिमा अवर्णनीय है। आइए जानते हैं कि साल 2021 में सूर्य का गोचर कैसा रहेगा।
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