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रतलाम से पकड़े गए आतंकियों ने किए थे बड़े खुलासे!

Updated: बुधवार, 8 मार्च 2017 (11:14 IST)
आईएस ने एक बार फिर देश में दस्तक दी है। गुजरात एटीएस ने आईएस से जुड़े दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों युवक सगे भाई हैं। दुनिया के सबसे खतरनाक संगठन बन चुके आईएसआईएस का माड्यूल मध्यप्रदेश में भी मिला जिसके दस सदस्य बताए जाते हैं, जिनमें से पांच को गिरफ्तार कर लिया गया है और पांच अभी तक फरार बताए जाते हैं। रतलाम पुलिस ने आईबी की सूचना पर डेढ़ साल पहले मोहन नगर से इमरान खान नाम के युवक को गिरफ्तार किया था। इमरान की गिरफ्तारी के बाद एमपी में आईएस के नेटवर्क से जुड़े चौंकाने वाले खुलासे हुए थे।
 
मध्यप्रदेश का मालवा क्षेत्र पहले भी सिमी जैसे संगठन का गढ़ रहा है और अब आईएस ने मध्यप्रदेश में भी अपनी जड़ें जमाने की कोशिश की हैं। तेलंगाना पुलिस की खुफिया एजेंसियों की जानकारी, सतर्कता और रतलाम पुलिस की समय रहते कार्रवाई के चलते इस संगठन की जड़ जमाने के पहले ही पुलिस ने आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया।
 
रतलाम पुलिस ने आईबी की सूचना पर डेढ़ साल पहले मोहन नगर से इमरान खान नाम के युवक को गिरफ्तार किया था। इमरान की गिरफ्तारी के बाद एमपी में आईएस के नेटवर्क से जुड़े चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। इमरान से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने उसके तीन और साथियों को गिरफ्तार किया था। इस संबंध में अहम बात यह है कि रतलाम से पकड़ी गई यूनिट के निशाने पर प्रधानमंत्री मोदी थे।
 
रतलाम से पकड़े गए चारों आतंकियों ने यह खुलासा किया था कि उनके निशाने पर पुलिस मुख्यालय के अलावा बीजेपी और आरएसएस के प्रदेश मुख्यालय थे। इन हाई प्रोफाइल जगहों पर हमले कर आईएसआईएस भारत में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहता था। इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग सीरिया में बैठे आतंकी युसूफ अल हिंदी ने इंटरनेट के जरिए दी थी।
 
बाद में इस संगठन का एक सदस्य भोपाल से पकड़ा गया था। एनआईए ने पिछले साल मई में राजधानी भोपाल से अजहर नाम के युवक को गिरफ्तार किया था। लखनऊ में रहकर अजहर ने आईएसआईएस के लिए काम किया और भारत की कई गोपनीय जानकारियां इस्लामिक स्टेट को दी थीं। इस मामले का चौंकाने वाला पहलू यह है कि देश के चौदह राज्यों से इस संगठन के सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
 
आईएसआईएस संगठन से जुड़े संदिग्धों की देश के 14 राज्यों से गिरफ्तारी हो चुकी है जिनमें  मध्य प्रदेश और गुजरात के अलावा राजस्थान, तेलंगाना, केरल, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर, बिहार, दिल्ली, बंगाल व कर्नाटक में भी आईएस से जुड़ी गिरफ्तारियां हुई हैं। इससे पता लगता है कि संगठन की जड़ें कहां-कहां तक फैली हैं और उज्जैन-भोपाल पैसेंजर में किया गया ट्रायल विस्फोट से इस बात को बल मिलता हैं कि संगठन के सदस्यों ने सीधे सीरिया से निर्देश और जानकारी पाकर भारत में भी तबाही का जाल बुना है। 
 
अब समय आ गया है जबकि केन्द्र सरकार को इस मामले को लेकर खुफिया एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा जाए और किसी भी बड़ी अनहोनी से पहले संगठन के बाकी सदस्यों को उन सभी स्थानों से पकड़ा जाए और साजिश की व्यापकता का अंदाजा लगे और जहां-जहां तक इन आतंकवादियों के तार फैले हैं, वहां पर एहतियात के तौर पर निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। 
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