सोनिया-राहुल ने कमर कसी, कांग्रेस में फिर आएगी नई जान!

नई दिल्ली| Last Updated: रविवार, 4 जनवरी 2015 (12:03 IST)
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नई दिल्ली। में नई जान डालने का खाका मार्च तक तैयार होने की उम्मीद है और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सभी प्रदेश इकाइयों के प्रमुखों से पार्टी को पटरी पर लाने एवं नई ऊर्जा का संचार करने के लिए जमीनी कार्यकर्ताओं के विचार जानने को कहा है।
 
सू़त्रों ने बताया कि राहुल गांधी की ओर से पार्टी महासचिवों को जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यकर्ताओं से विचार प्राप्त करने का निर्देश दिए जाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेश प्रमुखों को औपचारिक रूप से पत्र लिखकर उन्हें फरवरी के अंत तक विचार जानने के बाद रिपोर्ट पेश करने को कहा।
 
उन्होंने बताया कि एआईसीसी की बैठक मार्च में होने की संभावना है जिसमें इन सुझावों पर विचार किया जाएगा। इन्हें एक पुस्तिका की शक्ल दी जाएगी।
 
पिछले 24 दिसंबर को पार्टी नेताओं के साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की बैठक के बाद कांग्रेस महासचिवों और प्रदेश पार्टी प्रमुखों को संवाद भेजा गया है जिनमें उनसे राज्य स्तर, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर कार्यकर्ताओं से चर्चा करने और 2 महीने में रिपोर्ट पेश करने को कहा गया था।
सोनिया गांधी ने पत्र लिखकर प्रदेश इकाइयों के प्रमुखों से पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विचार विमर्श करके फरवरी के अंत तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं से कांग्रेस में नई जान फूंकने और इसे पटरी पर लाने के बारे में विचार जानने को कहा गया है। पार्टी ने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से प्राप्त सुझावों के आधार पर एक पुस्तिका तैयार करने की योजना बनाई है।
 
लोकसभा चुनाव में हार और पार्टी का आधार लगातार कमजोर होने के मद्देनजर राहुल ने निचले स्तर के कार्यकर्ताओं से सम्पर्क शुरू किया है। सभी राज्यों के करीब 400 नेताओं से सीधे चर्चा के बाद राहुल गांधी ने एक अलग बैठक में पार्टी महासचिवों से जिला एवं ब्लाक स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा के बाद उन्हें यह सुझाव देने को कहा था कि जमीनी स्तर पर पार्टी को किस तरह से मजबूत बनाया जा सकता है और पार्टी को पटरी पर लाया जा सकता है।
 
इन बैठकों में इस बात पर चर्चा होगी कि पार्टी की पहुंच को कैसे बढ़ाया जा सकता है, कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में किस तरह के बदलाव की जरूरत है, कांग्रेस की विचार धारा को लोगों तक कैसे पहुंचाया जाए और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ इसे कैसे स्पष्ट किया जाए। (भाषा)
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