पद्मश्री साहित्यकार पर बलात्कार का केस

महाराष्ट्र| भाषा|
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महाराष्ट्र। पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध मराठी लेखक लक्ष्मण माने के खिलाफ कथित रूप से तीन दलित महिलाओं के साथ करने के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

सामाजिक कार्यकर्ता रहे 63 वर्षीय इस लेखक के खिलाफ सतारा के पास ही स्थित जकतवाड़ी में ‘आश्रम शाला’ (आदिवासी छात्रों का आवासीय विद्यालय) में खाना बनाने वाली तीन महिलाओं ने अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई है।

इन तीनों ने अपनी शिकायत में माने पर आरोप लगाया कि इस स्कूल के अध्यक्ष के तौर पर काम कर रहे माने ने नौकरी पक्की करने के बहाने उनके साथ बलात्कार किया। वहीं सतारा तालुका के पुलिस निरीक्षक श्रीरंग लांघे ने बताया कि इन तीनों की शिकायत पर सोमवार रात माने के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
लांघे ने बताया कि ये तीनों पीड़िता विवाहित हैं और इनकी उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच है। इनका आरोप है कि माने ने उन्हें स्कूल का स्थाई कर्मचारी बनाने का झांसा देकर वर्ष 2003 से वर्ष 2010 के बीच उनका यौन शोषण करता रहा। पुलिस ने बताया कि माने की तलाश में वे उसके घर सहित उन जगहों पर भी गए, जहां माने जाया करता था, लेकिन वे उसे ढूंढ नहीं पा रहे हैं।
इस मामले में जब माने के बेटे से संपर्क किया गया तो उसने कहा कि पूर्व विधान पार्षद रह चुके उसके पिता के खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। स्कूल के ही कर्मचारियों ने उन्हें साजिश के तहत इस मामले में फंसाया है।

माने को वर्ष 1981 में साहित्य अकादमी पुरस्कार और वर्ष 2009 में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। इस बीच शिवसेना, भाजपा की स्थानीय इकाई सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने माने को मिले पद्मश्री के सम्मान को वापस लेने की मांग की है। (भाषा)



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