suvichar
✕

रोजा 8 : 'रोज़ा' अल्लाह का अदब भी है और फ़जल की तलब भी है

Updated: सोमवार, 13 जून 2016 (12:00 IST)
प्रस्तुति : अजहर हाशमी
 

 

 
'रोजा' रोशनी की लकीर और नेकी की नजीर (मिसाल) है। रमजान का तो हर रोजा खुशहाली का खजाना और पाकीजगी का पैमाना है।

रमजान की बरकतों की तहरीर का ये कारवां माशाअल्लाह आठवें रोजे तक पहुंच गया है। दरअसल, रोजा अल्लाह का अदब भी है और फ़जल की तलब भी है। सबूत के तौर पर इस बात को कुरआने-पाक की आयत के हवाले से बेहतरीन और आसान तरीके से समझा जा सकता है।

पवित्र कुरआन की सूरह अलहश्र की आयत नंबर 18 (अठारह) में बयान है-'और अल्लाह से डरो, बेशक अल्लाह को तुम्हारे कामों की ख़बर है।'
 
इस आयत की रोशनी में ये बात नुमाया (स्पष्ट) हो जाती है कि अल्लाह (ईश्वर) वसीअ (सर्वव्याप्त) है और अजीम (महान) और अलीम (जानकार) है। अल्लाह को चूंकि हर बात की ख़बर है इसलिए बंदे (भक्त) को यह सोचकर कि अल्लाह की नजर उसके हर काम (कार्य) पर है, अल्लाह से डरना चाहिए। अल्लाह से डरना ही अल्लाह का अदब है। यहाँ दो बातें खासतौर से समझना जरूरी हैं। यानी किसी का अदब हम दो ही वजहों से करते हैं या तो 'डर' से या 'मोहब्बत' से।
 
अल्लाह (ईश्वर) चूंकि महान और पवित्र (पाकीजा) है इसलिए अजीम (महान) और पाकीजा (पवित्र) से 'डरना' दरअसल 'मोहब्बत' करना ही है। इसलिए एक रोजादार जब रोजा रखता है तो उसके दिल में ख़ौफ़े-खुदा होता है, जो उसे रोजे के अहकाम और अदब से बाँधता है और चूंकि रोजा अल्लाह का ही रास्ता है। इसलिए रोजा अल्लाह से ख़ौफ़ और मोहब्बत का सबब तो है ही, अल्लाह का अदब भी है।
 
अर्श (आठवां आसमान) से जब अल्लाह के फ़जल की तलब की जाती है तो रहीम और करीम (दयालु-कृपालु) होने की वजह से अल्लाह रोजादार की दुआ सुनता है और मुराद पूरी करता है। किसी ने कहा भी है-'दरे-करीम से बंदे को क्या नहीं मिलता/जो माँगने का तरीक़ा है उस तरह माँगो।'

 

Show comments

सभी देखें

01 November Birthday: आपको 1 नवंबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज 01 नवंबर, 2026 का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का भविष्यफल

Annual Numerology 2027 : मूलांक 4 वालों के लिए कैसा रहेगा नया साल? जीवन में आएंगे कौनसे बदलाव? जानिए अंक भविष्यफल

Annual Numerology 2027 : मूलांक 3 वालों को नए अवसर मिलेंगे या बढ़ेंगी चुनौतियां? जानें वार्षिक अंक भविष्यफल

Weekly Horoscope: 2 से 8 नवंबर 2026 का राशिफल, क्या लेकर आ रहा नया सप्ताह? जानें अपना भविष्यफल

सभी देखें

Numerology Horoscope: 2 से 8 नवंबर 2026 का अंक राशिफल, क्या कहता है आपका मूलांक? किसके खुलेंगे तरक्की के द्वार?

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 01 नवंबर 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

नरक चतुर्दशी पर क्या करें और क्या नहीं? जानिए जरूरी नियम

रवि पुष्य नक्षत्र के दिन धन-वृद्धि और माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के कौन-कौन से अचूक उपाय करने चाहिए?

Ravi Pushya Yoga 2026: दिवाली से पहले बना दुर्लभ रवि पुष्य योग, जानें खरीदारी के शुभ मुहूर्त और सही पूजा विधि

अगला लेख