suvichar
✕

15th day of Ramadan 2020 : वादे की पाबंदी और अल्लाह की रजामंदी है यह रोजा

Updated: शनिवार, 9 मई 2020 (09:08 IST)
Ramadan 2020 in India
 

प्रस्तुति : अजहर हाशमी
 
अल्लाह (ईश्वर) की अज़मत (गरिमा) का़ कुरआने-पाक में लगातार ज़िक्र है जिसमें अल्लाह को मेहरबानी करने वाला और बंदों के गुनाहों को माफ़ करके उन्हें बख़्श देने वाला और मग़फिरत से नवाज़ने वाला बताया गया है। क़ुरआन के बाईसवें पारे (अध्याय-22) की सूरह फातिर की आयत नंबर पंद्रह (आयात-15) में जिक्र है 'ऐ लोगों! तुम ही खुदा के मोहताज हो और अल्लाह तो बेनियाज और खुद तमाम खूबियों वाला है।'
 
यहां ग़ौरतलब बात यह है कि अल्लाह की खूबियों में से एक ख़ूबी उसके अहद यानी वादे की पाबंदी है। अल्लाह का वादा है कि वो अपने नेक बंदों को बख़्श देगा। माहे रमजान में खासतौर पर अल्लाह अपना वादा पूरा करता है। अल्लाह चूंकि अपना वादा पूरा करता है इसलिए इस ख़ूबी की रोशनी में यह बात सामने आती है कि बंदा भी अपने अहद पर क़ायम रहे।
 
यहां वादे से मतलब नेक काम या अच्छी मदद से है। वादा भी नेक हो, काम भी नेक हो, नीयत भी नेक हो, मदद भी नेक हो यानी नेकदिली और नेक अमल शर्त है।
 
पंद्रहवां रोजा चूंकि रमज़ान के मगफिरत के अशरे का अहम रोजा है और अल्लाह ने अपने रोज़ेदार से मगफिरत (मोक्ष) नवाजने का वादा किया है इसलिए रोजादार से भी अल्लाह (फरमादारी) चाहता है। रोजादार किसी से जो अहद या वादा करता है तो उसे पूरा करे यानी निभाए भी।
 
रोजा दरअसल वादे की पाबंदी और अल्लाह की रजामंदी भी है। कुरआन की सूरह सफ की आयत नंबर-3 (आयत-तीन) में जिक्र है- 'अल्लाह के नजदीक ये बात बहुत नाराजी की है कि ऐसी बात कहो जो करो नहीं।'

ALSO READ: 14th day of Ramadan 2020 : इंसानियत की पहचान है 14वां रोजा

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

शारदीय नवरात्रि 2026: महाअष्टमी और महानवमी की तिथि, पूजा मुहूर्त एवं व्रत पारण

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में चतुर्थी के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्रद्ध

विजयादशमी 2026: कब है दशहरा, रावण दहन कब होगा?

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में तृतीया के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्राद्ध

अक्टूबर 2026 के ग्रह गोचर और नक्षत्र परिवर्तन सहित जानिए प्रमुख व्रत एवं त्योहार

अगला लेख