प्रचीन काल या मध्यकाल में राखियां जैसी होती थीं आजकल वैसी नहीं होती। अब तो राखी को स्वरूप बहुत बदल गया है। राखी का स्वरूप ही नहीं बदला बल्कि पहले राखी को राखी नहीं कहा जाता था। मतलब यह कि नाम के साथ ही स्वरूप भी बदला है। इस बार...