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राखी बांधते वक्त किस दिशा में मुंह करके बैठना चाहिए और कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?

Updated: शनिवार, 21 अगस्त 2021 (11:25 IST)
श्रावण माह की पूर्णिमा को रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार 22 अगस्त 2021 रविवार को राखी का पर्व रहेगा। राखी बांधते वक्त किस दिशा में मुंह करके बैठना चाहिए और कौनसा मंत्र बोलना चाहिए यह जानना जरूरी है। आओ जानते हैं इस संबंध में 2 खास मंत्र।
 
 
1. येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।
तेन त्वां अभिबन्धामि रक्षे मा चल मा चल।।
 
*यदि बहन अपने भाई को राखी बांध रही है तो बहन को पश्‍चिम में मुख करके भाई के ललाट पर रोली, चंदन व अक्षत का तिलक लगाते हुए उपरोक्ति मंत्र का उच्चारण करना चाहिए।
 
* शास्त्रों के अनुसार रक्षा सूत्र बांधे जाते समय उपरोक्त मंत्र का जाप करने से अधिक फल मिलता है। भाई को पूर्वाभिमुख, पूर्व दिशा की ओर बिठाएं। बहन का मुंह पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए। 
 
* इसके बाद भाई के माथे पर टीका लगाकर दाहिने हाथ पर रक्षा सूत्र बांधे। रक्षा सूत्र बांधते समय उपरोक्त मंत्र का उच्चारण करें।
 
2. येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।
तेन त्वां रक्षबन्धामि रक्षे मा चल मा चल ||
 
* यदि आप शिष्य या शिष्या अपने किसी गुरु को बांध रहे हैं रक्षा सूत्र तो उपरोक्त मंत्र है। ध्यान से देखने पर दोनों मंत्रों में अंतर नजर आएगा।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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