Hanuman Chalisa
✕

सनातन में क्या है शंकराचार्य का दर्जा, कितने होते हैं शंकराचार्य, कैसे हुई इस परंपरा की शुरुआत और किसे मिलता है ये पद

Written By WD Feature Desk
Updated: बुधवार, 29 जनवरी 2025 (10:43 IST)
Shankaracharya Selection Process: महाकुंभ, भारत का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है, जहां लाखों श्रद्धालु एकत्र होते हैं। इस मेले में शंकराचार्यों का विशेष महत्व होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सनातन धर्म में किसने की थी शंकराचार्य परंपरा की शुरुआत? कितने शंकराचार्य होते हैं और इस पद को पाने के लिए क्या योग्यताएं चाहिए होती हैं? आइये वेबदुनिया हिंदी पर इस आलेख में जानते हैं। 

कब हुई शंकराचार्य की शुरुआत
आदि शंकराचार्य हिंदू धर्म के दार्शनिक और धर्मगुरु थे। उन्हें सनातन धर्म के सबसे महान प्रतिनिधि में से एक माना जाता है। आदि शंकराचार्य ने सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित करने के लिए भारत के चरों कोनों में चार मठ स्थापित किए। उन्होंने दशनामी सम्प्रदाय की स्थापना की और इन मठों के 4 मठाधीश नियुक्त किए।  

Adi Shankaracharya


शंकराचार्य कौन होते हैं?
जिन मठों की स्थापना आदि शंकराचार्य ने की उन्हीं मठों के प्रमुखों को मठाधीश कहा गया। बाद में शंकराचार्य एक परंपरा बन गई और हर मठ के गुरु अपने सबसे योग्य शिष्य को यह उपाधि देने लगे। इस प्रकार शंकराचार्य हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पद है। ये वे लोग होते हैं जिन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया होता है और वेदों का गहरा ज्ञान रखते हैं।

कितने शंकराचार्य होते हैं?
आदि शंकराचार्य ने भारत के चारों दिशाओं में चार मठों की स्थापना की थी और प्रत्येक मठ के प्रमुख को शंकराचार्य कहा जाता है। ये चार मठ हैं:
प्रत्येक मठ में एक शंकराचार्य होता है, इस प्रकार कुल चार शंकराचार्य होते हैं।

शंकराचार्य बनने के लिए क्या योग्यताएं चाहिए?
शंकराचार्य बनने के लिए कई योग्यताएं आवश्यक होती हैं, जिनमें शामिल हैं:
ALSO READ: नागा साधु क्यों करते हैं 17 श्रृंगार, जानिए क्या हैं उनके श्रृंगार और महत्व
शंकराचार्य की जिम्मेदारियां
शंकराचार्य की जिम्मेदारियां बहुत व्यापक होती हैं। इनमें शामिल हैं:

अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

29 October Birthday: आपको 29 अक्‍टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (29 अक्‍टूबर, 2026)

रमा एकादशी व्रत रखने का क्या है महत्व? जानिए पारण का समय

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 29 अक्‍टूबर 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

गोवत्स द्वादशी के त्योहार का महत्व, कथा और पूजा का शुभ मुहूर्त

सभी देखें

दुनिया जानेगी प्रयागराज महाकुंभ की रणनीति, 19 मार्च को होगा शिखर सम्मेलन

महाकुंभ में स्नान के लिए उपयुक्त था गंगा जल, सरकार ने लोकसभा में कहा

प्रयागराज महाकुंभ में यह नाविक परिवार बना महानायक, 130 नावों के जरिए कमाए 30 करोड़ रुपए

कुंभ से वापसी पर क्या है लोगों की बीमारी का कारण? जानिए उपचार के तरीके

महाकुंभ के समापन के बाद पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने किया संगम स्नान