मुंबई। पानी के अंदर या सतह पर तारपीडो के साथ-साथ पोतरोधी मिसाइलों से वार करने और रडार से बच निकलने की उत्कृष्ट क्षमता से लैस स्कॉर्पीन श्रेणी की दूसरी पनडुब्बी खान्देरी का 12 जनवरी 2017 को यहां मझगान डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में जलावतरण किया गया।
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केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने खान्देरी के जलावरतण के समारोह की अध्यक्षता की। इस पनडुब्बी का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री की पत्नी बीना भामरे ने किया।
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नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा भी इस अवसर पर मौजूद थे। यहां पनडुब्बी को उस पॅन्टून से अलग किया गया जिस पर उसके विभिन्न हिस्सों को जोड़कर एकीकृत किया गया था।
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स्कॉर्पीन श्रेणी की यह पनडुब्बी अत्याधुनिक फीचर से लैस है। इनमें रडार से बच निकलने की इसकी उत्कृष्ट क्षमता और सधा हुए वार करके दुश्मन पर जोरदार हमला करने की योग्यता शामिल है।
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यह पनडुब्बी हर तरह के मौसम और युद्धक्षेत्र में संचालन कर सकती है। नौसैन्य कार्यबल के अन्य घटकों के साथ इसके अंतरसंचालन को संभव बनाने के लिए हर तरह के साधन और संचार उपलब्ध कराए गए हैं।
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यह किसी भी अन्य आधुनिक पनडुब्बी द्वारा अंजाम दिए जाने वाले विभिन्न प्रकार के अभियानों को अंजाम दे सकती है।
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इन अभियानों में सतहरोधी युद्धक क्षमता, पनडुब्बीरोधी युद्धक क्षमता, खुफिया जानकारी जुटाना, क्षेत्र की निगरानी करना शामिल है।
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भारतीय नौसेना की पनडुब्बी शाखा को इस साल 8 दिसंबर को 50 साल पूरे हो जाएंगे। भारतीय नौसेना की पनडुब्बी शाखा के स्थापना की याद में हर साल पनडुब्बी दिवस मनाया जाता है।
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8 दिसंबर 1967 को पहली पनडुब्बी- प्राचीन आईएनएस कल्वारी को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।
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एक अधिकारी ने कहा कि खान्देरी का नाम मराठा बलों के द्वीपीय किले के नाम पर आधारित है।