देवदूत के कंठ से बहता सुरों का अखंड झरना

भारत रत्न पं.भीमसेन जोशी

रवींद्र व्यास|
हमें फॉलो करें
ईश्वर का यह दूत तो अपने कंठ से बहते सुरों के अखंड झरने से तमाम रसिकजनों को तृप्त कर रहा है। हम सब उन्हें नमन करते हैं कि अपने कंठ से उन्होंने हमारा जीवन सुरीला बनाया।



और भी पढ़ें :