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Sita Navami 2026: जानकी जयंती या सीता नवमी कब और क्यों मनाई जाती है?
Sita Navami Celebration: जानकी जयंती या सीता नवमी हिन्दू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो भगवान राम की धर्मपत्नी माता सीता के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इसे हिन्दू पंचांग के अनुसार वैशाख मास की शुक्ल पक्ष नवमी को मनाया जाता है।ALSO READ: माता बगलामुखी की पूजा विधि, मंत्र, आरती, चालीसा, कथा और लाभ
मान्यतानुसार जिस दिन सीता माता प्रकट हुई, उसे जानकी जयंती या सीता नवमी के नाम से जाना जाता है। इस दिन लोग विशेष पूजा-अर्चना, हवन, कथा वाचन और भजन-कीर्तन का आयोजन करते हैं। यह दिन नारी शक्ति, मर्यादा और धार्मिक आस्था का प्रतीक भी है। माता सीता को धैर्य, शांति और धर्म की प्रतीक माना जाता है, और उनके जीवन से हम सभी को सत्संग, त्याग और भक्ति की प्रेरणा मिलती है।
जानकी जयंती (सीता नवमी) की तिथि 2026 में
• तिथि: 25 अप्रैल 2026
• दिन: शनिवार
• यह तिथि क्षेत्र और पंचांग के अनुसार थोड़ा बदल सकती है।
क्यों मनाई जाती है?
1. माता सीता का जन्मोत्सव:
सीता जी को जानकी भी कहा जाता है, क्योंकि उनका जन्म जनकपुरी (जनक राजा के राज्य) में हुआ था। उन्हें धरती से उत्पन्न देवी माना जाता है।
2. धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व:
माता सीता को आदर्श स्त्री और नारी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। उनका जीवन धैर्य, समर्पण, सत्य और धर्म के पालन का संदेश देता है।
3. पूजा और अनुष्ठान:
इस दिन श्रद्धालु माता सीता की मूर्ति या चित्र की तथा राम-सीता की पूजा करते हैं। व्रत, कथा पाठ और हवन का आयोजन भी किया जाता है। कई जगहों पर रामायण का पाठ और भजन कीर्तन होते हैं।
4. नारी शक्ति का सम्मान:
जानकी जयंती का पर्व न केवल माता सीता के जन्मदिन के रूप में, बल्कि स्त्री सम्मान और धार्मिक आदर्शों के प्रतीक के रूप में भी मनाया जाता है।
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