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पौष माह की पूर्णिमा का क्या है महत्व, कर लें 5 उपाय तो होगा शुभ

Updated: शुक्रवार, 6 जनवरी 2023 (12:41 IST)
Purnima : शुक्रवार, 6 जनवरी यानी आज पौष मास की पूर्णिमा मनाई जा रही है। हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार पौष महीने के आखिरी दिन यानी पौष शुक्ल पूर्णिमा तिथि को पौष पूर्णिमा (Paush Purnima) कहते हैं।

महत्व : इस दिन व्रत रखकर चंद्र देव तथा माता लक्ष्मी और श्री विष्‍णु जी का पूजन करने से धन, सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य में वृद्धि होती है, क्योंकि इस दिन चंद्रमा (Chandrama) तथा धन की देवी लक्ष्मी (Maa Lakshmi) का पूजन करने का विधान शास्त्रों में बताया गया है।
 
इस दिन को कई स्थानों पर पूर्णमासी भी कहते हैं तथा इसी दिन नए माह का प्रारंभ भी माना जाता है। भगवान सत्यनारायण जिन्हें श्रीविष्णु का अवतार माना जाता  हैं, पूर्णिमा के दिन घर में भगवान सत्यनारायण की कथा का आयोजन करने, कथा पढ़ने अथवा सुनने तथा उनका पूजन करने से जीवन में शुभता आती है, निरंतर सुख-सौभाग्य बढ़ता है तथा जीवन में स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होकर गरीबी तथा दारिद्रय दूर होता है।

पौष पूर्णिमा के दिन पानी में गंगा जल मिलाएं तथा कुश हाथ में लेकर स्नान करने और पितृ तर्पण करने से पितृ प्रसन्न होते हैं।आइए यहां जानते हैं पौष पूर्णिमा के 5 खास उपाय...
 
पौष पूर्णिमा 2023 के उपाय-Paush Purnima Upay
 
1. पौष पूर्णिमा (Paush Purnima) के दिन सूर्योदय से पहले जागकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्नान करके नारंगी और लाल रंग के वस्त्र धारण करके सूर्य देव को अर्घ्य चढ़ाना चाहिए तथा दान करना चाहिए, इससे पुण्य लाभ मिलता है। साथ ही रुद्राक्ष की माला से 'ॐ घृणि सूर्याय नम:' का 108 बार जाप करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं।  
 
2. पौष पूर्णिमा पर भोजपत्र पर लाल चंदन से 3 बार गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra) लिखकर अपने पर्स में रखने से धनलाभ मिलता है तथा निरंतर धन प्राप्ति के योग बनते हैं।
 
3. यदि आप आर्थिक परेशानियों के दौर से गुजर रहे हैं तो पौष पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रोदय के समय कच्चे दूध में चीनी और चावल डालकर चंद्र देव को मंत्र- 'ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: चन्द्रमसे नम:' या 'ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:' का जप करते हुए अर्घ्य दें, आपका आर्थिक संकट शीघ्र ही दूर हो जाएगा। 
 
4. पौष पूर्णिमा के दिन चावल का दान करना शुभ माना जाता है। इस दिन चावल दान करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है, क्योंकि चावल का संबंध चंद्रमा से होने के कारण इस दिन चावल का दान अवश्‍य करें। 
5. सुबह स्नान के पश्चात तांबे के लोटे में जल लेकर तथा उसे अपने दोनों हाथों की हथेली में रखकर 27 बार ऊंचे स्वर में 'ॐ' मंत्र का जाप करके इस जल को घर में सभी कोनों तथा अन्य स्थानों पर छिड़कने से जीवन में शुभता आती है।

Paush Purnima 2023


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