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halharini amavsya remedies : कालसर्प दोष से परेशान हैं तो हलहारिणी अमावस्या के दिन आजमाएं ये अचूक उपाय

Updated: शनिवार, 20 जून 2020 (12:36 IST)
Halharini Amavasya remedies
 
* हलहारिणी अमावस्या पर कर सकते हैं 7 उपाय, कालसर्प दोष होगा दूर
 
1. हलहारिणी अमावस्या पर सुबह स्नान आदि करने के बाद चांदी से निर्मित नाग-नागिन की पूजा करें और सफेद पुष्प के साथ इसे बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। कालसर्प दोष से राहत पाने का ये अचूक उपाय है।
 
2. कालसर्प दोष निवारण के लिए हलहारिणी अमावस्या पर लघु रुद्र का पाठ स्वयं करें या किसी योग्य पंडित से करवाएं। ये पाठ विधि-विधान पूर्वक होना चाहिए।
 
3. हलहारिणी अमावस्या पर गरीबों को अपनी शक्ति के अनुसार दान करें व नवनाग स्तोत्र का पाठ करें।
 
4. हलहारिणी अमावस्या पर सुबह नहाने के बाद समीप स्थित शिव मंदिर जाएं और शिवलिंग पर तांबे का नाग चढ़ाएं। इसके बाद वहां बैठकर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें और शिवजी से कालसर्प दोष मुक्ति के लिए प्रार्थना करें।
 
5. हलहारिणी अमावस्या पर सफेद फूल, बताशे, कच्चा दूध, सफेद कपड़ा, चावल व सफेद मिठाई बहते हुए जल में प्रवाहित करें और कालसर्प दोष की शांति के लिए शेषनाग से प्रार्थना करें।
 
6. हलहारिणी अमावस्या पर शाम को पीपल के वृक्ष की पूजा करें तथा पीपल के नीचे दीपक जलाएं।
 
7. हलहारिणी अमावस्या पर कालसर्प यंत्र की स्थापना करें- 
 
इसकी विधि इस प्रकार है- सुबह नित्य कर्मों से निवृत्त होकर भगवान शंकर का ध्यान करें और फिर कालसर्प दोष यंत्र का भी पूजन करें। सबसे पहले दूध से कालसर्प दोष यंत्र को स्नान करवाएं, इसके बाद गंगाजल से स्नान करवाएं। तत्पश्चात गंध, सफेद पुष्प, धूप, दीप से पूजन करें। इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का रुद्राक्ष की माला से जाप करें। कम से कम एक माला जाप अवश्य करें।
 
मंत्र- अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।
शंखपाल धार्तराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा।।
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।
सायंकाले पठेन्नित्यं प्रात:काले विशेषत:।।
तस्मै विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्।।
 
इस प्रकार कालसर्प यंत्र की पूजा करने तथा मंत्र का जाप करने से शीघ्र ही कालसर्प दोष का प्रभाव होने लगता है और शुभ परिणाम मिलने लगते हैं।

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