'वंडर ऑफ द सीज' पर MMNA सखी रीयूनियन 2026 का भव्य आयोजन
समंदर की लहरों पर उतरा माहेश्वरी समाज का उत्साह
उत्तरी अमेरिका की माहेश्वरी महासभा (MMNA) ने अपनी महिला विंग के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार कार्यक्रम का आयोजन किया। '3rd सखी रीयूनियन 2026' के तहत अमेरिका और कनाडा के विभिन्न शहरों से आईं 125 से अधिक माहेश्वरी महिलाओं (सखियों) ने रॉयल कैरेबियन के दुनिया के विशालकाय क्रूज 'वंडर ऑफ द सीज' (Wonder of the Seas) पर तीन दिनों तक अपनी संस्कृति और अटूट दोस्ती का जश्न मनाया।
मियामी से बहामास तक के इस समुद्री सफर ने न केवल बहनचारे (Sisterhood) को मजबूत किया, बल्कि सात समंदर पार भारतीय संस्कृति की एक चमकती हुई छाप भी छोड़ी।
विविधता में एकता : 25 से 75 वर्ष की सखियां एक साथ
इस रीयूनियन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें 25 वर्ष की युवतियों से लेकर 75 वर्ष की वरिष्ठ महिलाओं तक ने शिरकत की। अमेरिका और कनाडा के 9 अलग-अलग चैप्टर्स का प्रतिनिधित्व करते हुए, इन महिलाओं ने उम्र की सीमा को पार कर साथ मिलकर योग, जुम्बा, अंत्याक्षरी और संगीत कार्यक्रमों का आनंद लिया।
इनके नेतृत्व में मिली सफलता : इस भव्य आयोजन का सफल नेतृत्व MMNA की नेशनल सखी लीड्स शीतल बलदवा, स्मिता जाजू, मयूरी करवा और नेहा राठी ने किया। कार्यक्रम को ट्रस्टी बोर्ड की सदस्य पूनम भूतड़ा और नेशनल एग्जीक्यूटिव कमेटी की दीपाली दरगड़ का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। सभी चैप्टर्स की सखी लीड्स और अध्यक्षों के सहयोग ने इस यात्रा को अविस्मरणीय बना दिया।
मनोरंजन और रोमांच का संगम : कार्यक्रम के दौरान पूरे समय मनोरंजन और रोमांच का अद्भुत संगम देखने को मिला। क्रूज पर आयोजित गतिविधियों में मुख्य रूप से संगीत और डीजे नाइट का आयोजन किया गया। सुबह के सत्र में योग और जुम्बा आकर्षण का केन्द्र रहे। इसके अलावा कॉकटेल इवनिंग, ग्रुप गेम्स आदि आयोजन भी हुए। एक प्रतिभागी ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा- 'देर रात तक चलने वाली बातें और नए चैप्टर्स की सखियों से मिलना—इन तीन दिनों ने ऐसी यादें दी हैं जो जीवन भर साथ रहेंगी।'
एक अनूठी मिसाल : यह संभवतः पहला ऐसा मौका है जब किसी भारत-अमेरिकी सामाजिक संगठन की महिला विंग ने इतने बड़े स्तर पर उत्तरी अमेरिका के कोने-कोने से आकर क्रूज पर रीयूनियन की हो। इस रीयूनियन ने न केवल समुदाय के भीतर रिश्तों को मजबूत किया, बल्कि क्रूज पर मौजूद अन्य देशों के यात्रियों को भी भारतीय नारी शक्ति और संस्कृति से रूबरू कराया।
MMNA सखी पहल का सफर : साल 2006 में शुरू हुई MMNA सखी पहल आज माहेश्वरी महिलाओं के लिए आत्मविश्वास, नेतृत्व और नेटवर्किंग का एक सशक्त मंच बन चुकी है। 2026 का यह रीयूनियन समुदाय की प्रगति, बेहतरीन नियोजन और आपसी जुड़ाव का जीता-जागता उदाहरण है। आयोजकों की इस बात के लिए सराहना की जा रही है कि उन्होंने माहेश्वरी विरासत को संजोते हुए आधुनिक परिवेश में एक सार्थक और सुव्यवस्थित कार्यक्रम पेश किया।
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