असहाय और महिलाओं के समर्थन में शबाना आजमी हमेशा खड़ी नजर आती हैं। जहाँ उन्हें लगता है कि किसी के साथ शोषण या अन्याय हो रहा है उसके पक्ष से वे लड़ाई लड़ती है। उनके इसी गुणों के कारण उन्हें अफगानिस्तान बुलाया गया। वे वहाँ पर आज महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा पर अपने विचार रखेंगी।
इस ग्लोबल मीट का आयोजन ‘ह्यूमन राइट्स विंग ऑफ द यूएन’ और ‘ह्यूमन राइट्स कमीशन इन काबुल’ द्वारा मिलकर किया जा रहा है।
अफगानिस्तान में महिलाओं के साथ दुर्व्यहार और मारपीट की घटनाएँ आम बात है, इसीलिए वहाँ पर इस ग्लोबल मीट का आयोजन किया गया है। शबाना को उम्मीद है इस कार्यक्रम से महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने में मदद मिलेगी।
लेखक के बारे में
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर फिल्म समीक्षक हैं, जो फिल्म, कलाकार, निर्देशक, बॉक्स ऑफिस और फिल्मों से जुड़े पहलुओं पर गहन विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं।.... और पढ़ें