ganesh chaturthi
✕

भारतीय मूल के वैज्ञानिक ने खोजी सस्ती एचआईवी (HIV) जांच

Updated: बुधवार, 31 मई 2017 (14:21 IST)
न्यूयॉर्क। भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक समेत शोधकर्ताओं ने ऐसे नए किफायती परीक्षण की खोज की है जिसमें ऐसे लोगों में सुप्त एचआईवी (HIV) का आसानी से पता लगा सकता है जो इस रोग से उबर चुके हैं। फिर से प्रकोप फैलाने वाले एचआईवी वायरस का पता लगाने के लिए इस समय मौजूद सर्वश्रेष्ठ परीक्षण क्वांटिटेटिव वायरल आउटग्रोथ एसे ‘क्यू-वीओए’ है। 
 
टीजेडए नाम का नया परीक्षण ऐसे जीन की पहचान करता है जो एचआईवी के फिर से प्रकोप के समय ही मौजूद होता है। पुराने परीक्षण के परिणाम के लिए दो हफ्ते लगते हैं तो नई जांच एक हफ्ते में ही नतीजा बता देती है।
 
इसकी लागत भी क्यू-वीओए से एक तिहाई है। इसमें रक्त की मात्रा भी कम चाहिए होती है। इस अनुसंधान में यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग में प्रोफेसर और भारतीय मूल की फाल्गुनी गुप्ता शामिल रही हैं।
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक मंच पर बढ़ायी भारत की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान

नया भारत, नई उड़ान: मोदी युग में आत्मविश्वास का नया शिखर

17 सितंबर जन्मदिन पर विशेष: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में 25 दिलचस्प बातें

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हिंदी दिवस विशेष: जानिए कैसे हिंदी राष्ट्रभाषा के गौरव से वंचित रह गई?

अगला लेख