नरेन्द्र मोदी की सफलता का यह है राज, जानिए 13 बड़ी बातें...

Last Updated: मंगलवार, 17 सितम्बर 2019 (12:21 IST)
नरेन्द्र मोदी ने 2014 एवं 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को प्रचंड जीत दिलाई। दोनों ही चुनावों में मोदी भाजपा का 'चेहरा' थे। प्रचार के दौरान मोदी ने धुंआधार सभाएं कीं। उनके प्रचार की आक्रामक शैली ने कांग्रेस को बैकफुट पर ला दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक की जुबां पर एक ही नाम था- मोदी, मोदी और सिर्फ मोदी। मोदी का यह जादू अब दुनियाभर में सिर चढ़कर बोल रहा है। आइए जानते हैं नरेन्द्र मोदी के खास गुणों के बारे में...
1. असाधारण भाषण कला : मोदी की सबसे बड़ी और असाधारण बात उनकी भाषण कला है और वे अपनी इस कला से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करना जानते हैं। विकास और अन्य मुद्दों पर वे जितनी स्पष्टता और प्रभावी तरीके से अपनी बात रखते हैं, उससे लोग बहुत प्रभावित होते हैं। वे अन्य
नेताओं की तरह से लिखा हुआ भाषण नहीं पढ़ते हैं। उनकी विशेषता है कि वे अपनी वकृत्व कला से किसी भी प्रकार के श्रोता वर्ग से अपना संबंध बना लेते हैं।

2. करिश्माई नेतृत्व : प्रधानमंत्री मोदी की एक और बड़ी खूबी है कि वे किसी विश्वस्तरीय नेता जैसा करिश्मा रखते हैं। अपने दूसरे कार्यकाल में मोदी ने कश्मीर मुद्दे पर ‍पूरी दुनिया में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की किरकिरी करा दी। देश के 35 वर्ष से कम आयु के युवाओं की नजर में वे ऐसे मजबूत नेता हैं, जिनके नेतृत्व में देश विकास के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है।

3. त्वरित निर्णय क्षमता : मोदी की एक खूबी यह भी है कि वे तुरंत ही निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं। यह क्षमता भारत के नेताओं में बहुत कम पाई जाती है। इस खूबी के वे उन नेताओं से अलग हैं जो किन्हीं मजबूरियों के चलते फैसले नहीं लेते या लेने में बहुत अधिक समय लगा देते हैं। तीन तलाक का मुद्दा हो या फिर जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला, उनकी इसी शैली को दर्शाता है।

4. दूरदृष्टि : मोदी का एक सकारात्मक गुण यह है कि उनकी दूरदृष्टि या विजन बिलकुल स्पष्ट होता है। उनकी इसी दूरदर्शिता और स्वप्न का नतीजा है कि उन्होंने गुजरात को विकसित करने के लिए तब विदेश यात्राएं कीं जब वे मुख्यमंत्री ही थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वे दुनिया के शीर्ष नेताओं से लगातार मिले और उन्हें अपने पक्ष में किया। यही कारण है कि कश्मीर मुद्दे पर इमरान खान को दुनिया भर में कहीं भी समर्थन नहीं मिला।



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