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शारदीय नवरात्रि : कल्पारम्भ क्या है, कोलाबोऊ पूजा क्यों की जाती है?

Updated: मंगलवार, 17 अक्टूबर 2023 (12:35 IST)
Kalparambha Puja 2023: कल्पारम्भ पर्व का पश्‍चिम बंगाल में खासा महत्व है। इसे कोलाबोऊ भी कहते हैं। यह नवपत्रिाक पूजा से एक दिन पहले होता है। अधिकांश वर्षों में, कल्पारम्भ का दिन शुक्ल षष्ठी तिथि पर आता है। कल्पारंभ की पूजा पर देवी दुर्गा को बिल्व वृक्ष या कलश में निवास करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। यह दुर्गा पूजा के विशेष अनुष्‍ठान को प्रारंभ करने का प्रतीक है। इस दिन को अकाल बोधन भी कहते हैं।
 
कल्पारंभ क्या होता है?
कोलाबोऊ पूजा क्यों की जाती है?

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