shradh paksha
✕

व्यापमं घोटाला : सीबीआई की 200 से अधिक मेडिकल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

Updated: रविवार, 26 नवंबर 2017 (18:37 IST)
नई दिल्ली। प्रबंधन कोटे के तहत भारी राशि का भुगतान करके चार निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले 200 से अधिक छात्रों का भविष्य अधर में लटक सकता है क्योंकि व्यापमं मामले की सीबीआई की जांच में उनके चयन में अनियमितताओं का दावा किया गया है।
 
अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी सीबीआई ने मध्यप्रदेश सरकार को पत्र लिखकर इन उम्मीदवारों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है, जो मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए किसी प्रवेश परीक्षा में शामिल नहीं हुए।
 
अधिकारियों ने बताया कि यह कदम मध्यप्रदेश के व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा 2012 में कराए गए प्री..मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) की सीबीआई द्वारा की गई जांच पर आधारित है। गत गुरूवार को एजेंसी ने 592 आरोपियों के खिलाफ प्रवेश घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता के लिए भोपाल स्थित सीबीआई की एक विशेष अदालत में आरोप-पत्र दायर किया था। इन आरोपियों में चार निजी मेडिकल कॉलेजों के चेयरमैन शामिल हैं।
 
अधिकारियों ने बताया कि प्रमोटरों में एल एन मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन जेएन चौकसे, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के एस एन विजयवर्गीय, चिरायु मेडिकल कॉलेज के अजय गोयनका (सभी भोपाल में) और इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के सुरेश सिंह भदौरिया शामिल हैं।
 
तीन प्रमोटरों ने सम्पर्क किए जाने पर कोई टिप्पणी नहीं की, भदौरिया ने दावा किया कि न तो उनका और न ही उनके कॉलेज का नाम सीबीआई के आरोप-पत्र में है। सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि कथित रूप से नियमों का उल्लंघन करके प्रबंधन कोटे के तहत इन चार कॉलेजों में कुल 229 प्रवेश हुए, जिसके लिए प्रति सीट 50 लाख से एक करोड़ रुपए वसूले गए।
 
उन्होंने कहा कि ध्यान देने वाली बात यह है कि प्रबंधन कोटे के तहत जिन छात्रों को प्रवेश मिला वे किसी भी प्रवेश परीक्षा में शामिल नहीं हुए। अधिकारियों ने बताया कि इन 229 प्रवेशों में से 88 इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में, 54 चिरायु मेडिकल कॉलेज में, 46 पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में और 41 एल एन मेडिकल कॉलेज में हुए।
 
उन्होंने कहा कि ये प्रवेश व्यापमं के साथ ही मध्यप्रदेश सरकार के मेडिकल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कुछ बिचौलियों की कथित मिलीभगत से हुए। व्यापमं का नाम अब बदलकर व्यावसायिक परीक्षा बोर्ड हो गया है।
 
अधिकारियों ने इनके काम करने का तरीका समझाते हुए कहा कि बिचौलिए ‘इंजन..बोगी’ व्यवस्था के तहत प्रवेश परीक्षा में एक मेधावी उम्मीदवार को ऐसे उम्मीदवार के आगे बैठाते थे, जो बहुत अधिक मेधावी नहीं है ताकि वह उससे नकल कर सके।
 
उन्होंने बताया कि बिचौलिए इसके लिए 15 से 20 लाख रुपए वसूलते थे। अधिकारियों ने बताया कि चयन हो जाने पर मेधावी छात्र अपना नाम मेरिट सूची में आने और सरकारी संस्थानों में प्रवेश के योग्य होने के बावजूद उन चार मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेते थे, जिनका नाम आरोप-पत्र में है। ए सफल उम्मीदवार बिचौलियों और निजी मेडिकल कॉलेजों के अधिकारियों की मिलीभगत से बाद में अपना प्रवेश वापस ले लेते थे।
 
अधिकारियों ने बताया कि कॉलेज के अधिकारी इन खाली सीटों के बारे में सरकारी विभाग को सूचित करने की बजाय इन सीटों को मोटी रकम वसूलकर प्रबंधन कोटे से भर देते थे। आरोप-पत्र में जिनका नाम है, उनमें 334 ‘इंजन...बोगी’ उम्मीदवार, 155 इन उम्मीदवारों के अभिभावक, 46 परीक्षा निरीक्षक, चार निजी मेडिकल कॉलेज के 26 अधिकारी, 22 बिचौलिए, व्यापमं के चार अधिकारी और मध्यप्रदेश मेडिकल शिक्षा विभाग के दो अधिकारी शामिल हैं।
 
अधिकारियों ने बताया कि आरोप पत्र में राज्य सरकार के जिन अधिकारियों के नाम हैं उनमें मेडिकल शिक्षा विभाग के तत्कालीन निदेशक एस सी तिवारी और तत्कालीन संयुक्त निदेशक एन एम श्रीवास्तव शामिल हैं। 
 
व्यापमं के जिन चार पूर्व अधिकारियों के नाम हैं उनमें तत्कालीन निदेशक पंकज त्रिवेदी, तत्कालीन वरिष्ठ व्यवस्था विश्लेषक नितिन मोहिंद्र, तत्कालीन उप विश्लेषक अजय कुमार सेन और तत्कालीन प्रोग्रामर सी के मिश्र शामिल हैं। (भाषा)

Show comments

आरक्षण विरोधी आंदोलन पर पूर्ण प्रतिबंध क्यों? हाईकोर्ट ने लगाई दिल्ली पुलिस को फटकार, जानिए क्या है पूरा मामला

पहले 10 लाख जमा किए, IDA ने फिर मांगे 4 लाख रुपए, राहुल गांधी के इंदौर में आयोजन में फिर अड़चन

Hyundai BAYON India : नए SUV का डिजाइन आया सामने, H-Edge लाइटिंग ने खींचा ध्यान; जानें क्या-क्या हुआ कन्फर्म

Samsung Galaxy A18 4G लॉन्च, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ आया फोन; जानें कीमत और फीचर्स

Suzuki e-Access खरीदें या नहीं? आराम, बैटरी और रेंज में दमदार, क्या कुछ कमियां भी हैं

सभी देखें

PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर UP में दीपोत्सव जैसा माहौल, सीतापुर में मोदी-योगी की आकृति तो मेरठ में 'आशीर्वाद का दीया' बना आकर्षण

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम डॉ. मोहन यादव ने की सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत, स्वामित्व अधिकार योजना के तहत 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

UPI विवाद पर हंसराज विश्वकर्मा का राहुल गांधी-अखिलेश पर निशाना , बोले- दोनों के बीच सांठगांठ

अंबेडकरनगर में 1100 बीघा जमीन पर आकार ले रहा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, पराली से बनेगी बायो गैस

अगला लेख