sundarkand
✕

सावधान...उत्त्तराखंड में बड़ा भूकंप आने की संभावना

Updated: बुधवार, 22 नवंबर 2017 (22:12 IST)
देहरादून। हिमालय में आपदारोधी आधारभूत संरचना पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का यहां समापन हो गया, जहां देशभर से आए वैज्ञानिकों ने क्षेत्र में एक बड़ा भूकंप आने की उच्च संभावना जताई और राज्य सरकार से भूकंपरोधी आधारभूत संरचनाएं बनाने की दिशा में काम करने को कहा।
 
परिचर्चा में भाग ले रहे वैज्ञानिक उत्त्तराखंड में विनाशकारी भूकंप आने की प्रबल संभावना की बात पर एकमत थे। इस हिमालई क्षेत्र में पिछली बार बडा भूकंप करीब 600 वर्ष पहले आया था। अपने संबोधन में बेंगलुरु स्थित​ भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान के प्रोफेसर विनोद के गौड़ ने सबसे निचले स्तर पर जागरूकता फैलाने की जरूरत पर जोर दिया ताकि लोग भूकंपरोधी निर्माण तकनीक को अपनाएं।
 
उन्होंने कहा कि इस संबंध में हैंडबुक प्रकाशित कर उन्हें जनता को उपलब्ध कराया जा सकता है, जिससे एक आम आदमी भी भूकंपरोधी निर्माण की जरूरत की मूल बात को समझ सके। उत्त्तराखंड के एक बड़े भूकंप की उच्च संभावना वाले केंद्रीय भूकंपीय दरार में स्थित होने की बात कहते हुए गौड़ ने कहा कि आपदा न्यूनीकरण  एजेंसियों और राज्य सरकार के लिए यह जरूरी है कि वे ऐसी कोई आपदा आने से पहले ही उससे निपटने के लिए ऐहतियाती कदम उठाएं।
 
इस कार्यशाला का उद्देश्य आपदारोधी निर्माण विषय पर वैज्ञानिकों, विभिन्न विभागों के शोध अधिकारियों और पेशेवरों को एक मंच उपलब्ध कराना था, जिससे इससे संबंधित सूचनाओं, जानकारी और सुझावों को साझा किया जा सके।
 
आईआईटी रूड़की के प्रोफेसर एमएल शर्मा ने उत्त्तराखंड में लगाए गए भूकंप अर्ली वॉर्निंग सिस्टम की स्थिति के बारे में अवगत कराया और इस नेटवर्क के विस्तार की जरूरत बताई। वैज्ञानिकों ने पहाड़ों की ढलान पर बनने वाली संरचनाओं की डिजायन में अतिरिक्त सावधानी बरते जाने की जरूरत बताते हुए गलत डिजाइन या निर्माण के तरीकों के दुष्परिणामों के बारे में भी बताया। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में इमारतों के निर्माण के लिए विशेष दिशा-निर्देश की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
 
 
समापन सत्र में यह भी संकल्प लिया गया कि राज्य आपदा रोधी निर्माण की दिशा में अपनी पूरी क्षमता से काम करेगा। इस संबंध में प्रदेश तथा अन्य स्थानों के वैज्ञानिक और अकादमिक संस्थान राज्य सरकार के इस प्रयास में उसके साथ समन्वय और सहयोग करेंगे। (भाषा)

Show comments

क्या लेमडक बने डोनाल्ड ट्रंप? ईरान युद्ध और वैश्विक नीतियों पर पड़ेगा यह बड़ा असर, आ सकता है महाभियोग

Agniveer : अग्निवीरों के लिए मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 75% को मिलेगी 2 साल की अतिरिक्त सेवा, फिर सेना में स्थायी भर्ती का मौका

राहुल फुस्स रॉकेट तो अखिलेश हार के बहानेबाज, EVM और SIR को लेकर विपक्ष पर बरसे CM योगी

Mahadev Betting App Case : सौरभ चंद्राकर के बाद दुबई में रवि उप्पल गिरफ्तार, ED ने भारत लाने की शुरू की कोशिश

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर आयुष्मान खुराना-तुषार कपूर से मांगी रंगदारी, पुलिस ने बेंगलुरु से किया आरोपी को गिरफ्तार

सभी देखें

Mahadev Betting App Case : सौरभ चंद्राकर के बाद दुबई में रवि उप्पल गिरफ्तार, ED ने भारत लाने की शुरू की कोशिश

देश के नंबर-1 CM बने योगी आदित्यनाथ, 897 अंकों के साथ 'बेस्ट सीएम सर्वे 2026' में किया टॉप

नकली किन्नरों और बांग्लादेशी घुसपैठियों से रहें सावधान! किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी की अपील

National Conference में बढ़ी बगावत, 10 विधायकों की फिर बैठक, उमर अब्दुल्ला के सामने नई चुनौती

क्या लेमडक बने डोनाल्ड ट्रंप? ईरान युद्ध और वैश्विक नीतियों पर पड़ेगा यह बड़ा असर, आ सकता है महाभियोग

अगला लेख