लखीमपुर कांड में यूपी सरकार को फटकार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 23 ही क्यों हैं, और चश्मदीद लाएं...

लखीमपुर कांड की अगली सुनवाई अब 8 नवंबर को होगी। इस मामले में केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा का बेटा आरोपी है।

पुनः संशोधित मंगलवार, 26 अक्टूबर 2021 (14:05 IST)
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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर कांड में राज्य सरकार ने 23 चश्मदीदों के बयान लेने के मुद्दे पर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस मामले में और अधिक गवाह इकट्‍ठे करने के साथ ही उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 8 नवंबर को होगी।

यूपी सरकार की ओर से पेश वरिष्‍ठ वकील हरीश साल्‍वे ने कहा कि इस मामले में कुल 68 चश्‍मदीद थे। इनमें से 30 के बयान दर्ज हुए, जबकि 23 लोगों ने घटना के चश्‍मदीद होने का दावा किया है। इस मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि और अधिक गवाह एकत्रित करें साथ ही उन्हें सुरक्षा भी उपलब्ध करवाएं।

सुप्रीम कोर्ट ने क‍हा है कि य‍दि बयान दर्ज करने में कोई कठिनाई हो रही है या न्‍यायिक अधिकारी उपलब्‍ध नहीं है तो पास के जिला जज उनकी जगह किसी और की उपलब्‍धता को सुनिश्चित करें।

शीर्ष अदालत ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यूपी इस मामले में अधिक चश्‍मदीदों से पूछताछ क्‍यों नहीं की गई। आपने अब तक 44 चश्‍मदीदों में से महज 4 के बयान दर्ज किए हैं, और अधिक के क्‍यों नहीं? उल्लेखनीय है कि लखीमपुर में हुई हिंसा के मामले में केंद्रीय गृह राज्‍यमंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा पर किसानों पर कार चढ़ाने का आरोप है।



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