Hanuman Chalisa
✕

मौत के बाद तस्लीमा नसरीन को दफनाया नहीं जाएगा

Updated: बुधवार, 23 मई 2018 (15:57 IST)
नई दिल्ली। मशहूर बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन अपने हाल के बयान को लेकर चर्चा में हैं। तस्लीमा ने मौत के बाद अपने शरीर को दफनाने की बजाय एम्स में रिचर्स के लिए दान देने का फैसला किया है।
 
उन्होंने मंगलवार को अपने ट्विटर अकाउंट पर यह जानकारी दी। लेखिका ने अपने ट्वीट में एम्स के डिपार्टमेंट ऑफ एनॉटमी की डॉनर स्लिप भी साझा की। लोगों ने तस्लीमा के इस नेक काम की जमकर तारीफ की और ट्विटर पर जमकर प्रतिक्रिया दी।
 
बांग्लादेश मूल की लेखिका तस्लीमा नसरीन नारीवाद और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दे पर बेहद मुखर रहीं हैं। इसकी वजह से वह कट्टरपंथियों के निशाने पर भी रहती हैं। साल 1962 में जन्मी तस्लीमा पेशे से एक फिजीशियन हैं और उन्हें स्वीडन की नागरिकता भी प्राप्त है।
 
उन्होंने अपने उपन्यास लज्जा में इस्लाम पर की गई टिप्पणी से तस्लीमा ने कट्टरपंथी मुस्लिमों को नाराज कर दिया था, जिसके बाद वे कट्टरपंथी मुस्लिमों के निशाने पर आ गईं और उन्होंने नसरीन की मौत पर इनाम का ऐलान भी कर दिया था। बाद में, तस्लीमा वर्ष 1994 में बांग्लादेश छोड़कर स्वीडन में बस गई। 
 
वह साल 2005 में भारत आ गई, तब से नसरीन यहां निर्वासित जीवन यापन कर रही हैं। कुछ साल पहले वे तब चर्चा में आ गई थीं, जब ढाका में कुछ आतंकियों ने एक रेस्टोरेंट में हमला कर 20 लोगों की हत्या कर दी थी। तब तस्लीमा ने ट्वीट कर कहा था कि 'इस्लाम को शांति का धर्म कहना बंद कीजिए' और उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा था 'आपको इस्लामिक आतंकवादी बनने के लिए गरीबी, अज्ञानता, अमेरिका की विदेश नीति, इसराइल की साजिश नहीं चाहिए, बस आपको इस्लाम चाहिए।' 
 
तस्लीमा खुद एक मुस्लिम हैं, लेकिन वह खुद को नास्तिक मानती हैं। तस्लीमा नसरीन देश के विभिन्न मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखने के लिए जानी जाती हैं।  

Show comments

Tata Punch EV और Nexon EV को कड़ी टक्कर देगी Hyundai की सस्ती EV कार, जानिए कितनी मिलेगी रेंज

PM Kisan 24th Installment : किसानों के खाते में आ गए ₹2,000, पीएम मोदी ने जारी की 19 हजार करोड़ रुपये की किस्त, ऐसे चेक करें अपना स्टेटस

Samsung W27 : धमाका करने आया सैमसंग का सस्ता स्मार्टफोन, कंपनियों के छूटे पसीने

IDBI Bank Privatization : निर्मला सीतारमण का राहुल गांधी पर पलटवार, कांग्रेस राज के बैंक घोटालों की खोली पोल

क्यों गिर रहे सोने-चांदी के भाव? रिकॉर्ड हाई से गोल्ड 51000 सस्ता, सिल्वर 2.33 लाख से अधिक टूटी, क्या खरीदारी का यही है सही मौका या करें इंतजार?

सभी देखें

रन फॉर यूनिटी मैराथन में बवाल, प्रतिभागियों ने तोड़ी कुर्सियां, सर्टिफिकेट के लिए छीना-झपटी

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा: प्रदेश में बस संचालन को नई गति दे रही निजी भागीदारी और आधुनिक तकनीक

2.1 अरब डॉलर की पैट्रियट मिसाइल डील को अमेरिका की हरी झंडी, जेलेंस्की ने क्यों उठाई जल्द डिलीवरी की मांग?

यूपी MLC चुनाव से BJP के लिए सबक, कट सकते हैं 50% से ज्यादा विधायकों के टिकट

दीपोत्सव से पहले चमकी रामनगरी, 90% होटल-होमस्टे फुल, श्रद्धालुओं के स्वागत को अयोध्या तैयार

अगला लेख