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'ताज महल' देखने फिर आएंगी मिशेल

Updated: बुधवार, 28 जनवरी 2015 (00:38 IST)
नई दिल्ली। राष्ट्रपति बराक ओबामा और मिशेल उन लोगों में शामिल होने से रह गए, जो संगमरमर में ढले मोहब्बत के अजीम शाहकार ताज महल की खूबसूरती का दीदार कर चुके हैं। आगरा की अपनी प्रस्तावित यात्रा नहीं हो पाने से मायूस अमेरिका की प्रथम महिला मिशेल ओबामा का कहना है कि ताज महल देखने फिर भारत आएंगी।
 
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन जब मार्च 2000 में अपनी पुत्री के साथ ताज महल देखने गए थे तो उन्होंने यह कहकर इस मरमरी मुजस्समें की तारीफ की थी, ‘‘दुनिया में सिर्फ दो तरह के लोग हैं, एक वह जिन्होंने ताज महल देखा है और दूसरे वह जिन्होंने इसे नहीं देखा है। मैंने ताज महल देखा है, यह लाजवाब है।’ 
 
ओबामा के साथ तीन दिन की भारत यात्रा पर आईं मिशेल से जब पूछा गया कि क्या वह ताज महल न देख पाने से मायूस हैं तो उन्होंने कहा, ‘हां और मैं वापस आऊंगी।’
 
ओबामा और मिशेल को मंगलवार को आगरा जाना था, लेकिन इस कार्यक्रम को रद्द कर देना पड़ा क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला का निधन हो जाने के कारण वहां जाकर उन्हें श्रद्धांजलि देने और शाही परिवार को ढांढस बंधाने के लिए भारत के अपने दौरे में कटौती का फैसला किया।

यूनेस्को से विश्व विरासत का दर्जा प्राप्त ताज महल सिर्फ एक मरमरी इमारत नहीं बल्कि भारत की ऐसी ऐतिहासिक धरोहर है, जिसे नजर भर देखने के लिए दुनिया की तमाम बड़ी हस्तियों ने आगरा की यात्रा की है। फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने अपनी पत्नी कार्ला ब्रूनी के साथ दिसंबर 2010 में ताज महल का दीदार किया था।
 
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अक्तूबर 2000 में अपनी पत्नी ल्यूदमिला के साथ ताज महल देखने गए थे और पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ 2001 की अपनी भारत यात्रा के दौरान अपनी बेगम के साथ आगरा में ही ठहरे थे। उन्हें होटल के ऐसे कमरे में ठहराया गया था, जिसके किसी भी गोशे से ताज के बेपनाह हुस्न का दीदार किया जा सकता था।
 
गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर ने मुमताज की याद में शाहजहां द्वारा बनवाए गए इस बेमिसाल स्मारक की खूबसूरती का बखान कुछ इस तरह किया था, ‘ताज महल वक्त के रूखसार पर बेदाग चमक रहा है, हमेशा हमेशा के लिए।’  
(भाषा)
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